मांगे पूरी न होने पर आल जेएंडके पंचायत कांफ्रेंस ने कड़ा फैसला लेते हुए तीन दिसंबर से साप्ताहिक भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया है। जम्मू में मंगलवार को पत्रकार वार्ता में पंचायत कांफ्रेंस के अध्यक्ष अनिल शर्मा ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि वह पंचों-सरपंचों की जायज मांग की अनदेखी तो कर ही रहा है। साथ ही ग्रामीणों के साथ अन्याय किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना की तीन साल से एक हजार करोड़ से भी ज्यादा देनदारी सरकार नहीं कर पाई है। इस कारण ग्रामीण इलाकों में रोजगार के अवसर सृजित नहीं हो रहे हैं। पंचों-सरपंचों के मानदेय में बढ़ोतरी की मांग की भी उपेक्षा की गई है।
नवनिर्वाचित बीडीसी अध्यक्षों को न तो कार्यालय आवंटित किए गए हैं और न ही उनका मानदेय निर्धारित किया गया है। ऐसे माहौल में गांवों में विकास की रफ्तार मंद पड़ चुकी है। बैक टू विलेज कार्यक्रम सरकार की कवायद तो ठीक है लेकिन, जमीनी स्तर पर इसका कोई फायदा लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है। इस कारण प्रशासन को इस मसले पर गंभीरता से विचार करना होगा और कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहा कि भूख हड़ताल से सरकार को जगाने का प्रयास पंच-सरपंच करेंगे।
बैक टू विलेज कार्यक्रम में पंचायतों को कार्यक्रम के लिए 25 हजार रुपये दिए जाएं। हड़ताल प्रेस क्लब के बाहर होगी। हड़ताल और प्रदर्शन जम्मू, कश्मीर और लद्दाख में भी होगा। सबको एकजुट किया जाएगा और प्रशासन के समक्ष मांगों को रखा जाएगा। पंचायतों में काम कराने के लिए बनाई जाने वाली योजना कम से कम दस लाख रुपये तक हो।