सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून (अफस्पा) किसी दोषी को सजा देने में आड़े नहीं आता। माच्छिल फर्जी मुठभेड़ मामले का उदाहरण देते हुए कहा कि पूर्व सेनाध्यक्ष एवें केंद्रीय राज्यमंत्री वीके सिंह मच्छेल मामला यदि किसी सिविल कोर्ट में भी होता तो भी इतना जल्दी फैसला नहीं सुनाया जाता।
शनिवार को जनरल वीके सिंह ने श्रीनगर में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अफस्पा सुरक्षा बलों को असीमित पावर नहीं देता। अफस्पा की आड़ में दोषी बच सकते हैं ऐसा सोचना गलत है। जनरल वीके सिंह भाजपा प्रत्याशियों के साथ चुनावी रणनीति पर चर्चा करने श्रीनगर पहुंचे हैं।
वीके सिंह का कहना था कि अफस्पा सेना को कार्रवाई करने में मदद करता है। पर जब भी सैन्य कर्मियों की ओर से कोई गलती होती है, सेना द्वारा उनके खिलाफ हमेशा उचित कार्र्रवाई की जाती है। वीके सिंह का कहना था कि मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी गया था, पर सुप्रीम कोर्ट ने भी माना कि सेना द्वारा जो पाबंदियां लगाई गईं हैं वो अपेक्स कोर्ट की सोच से मेल खाती हैं।
इसके अलावा पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम के अफस्पा पर दिए गए बयान के संबंध में कहना था कि वह उनके बयान को ज्यादा अहमियत नहीं देना चाहते। उल्लेखनीय है कि मच्छेल फर्जी मुठभेड़ मामले में आए फैसले का स्वागत करते हुए पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री चिदंबरम ने कहा था कि अफस्पा जैसे कानून की आधुनिक समाज में कोई जगह नहीं है।