जम्मू संभाग के राजोरी जिले की एलओसी के पार पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में आतंकियों के कैंप में अफगानी आतंकी आतंक का पाठ पढ़ा रहे हैं। सुखा कट्ठा इलाके में आतंकियों का कैंप मौजूद है। यहां 100 के करीब आतंकी प्रशिक्षण ले रहे हैं। इन आतंकियों में 20 से 25 आतंकी कश्मीर के अलग अलग हिस्सों के भी हैं, जबकि बाकी पीओजेके और पाकिस्तान के हैं। इन सभी आतंकियों को अफगानी आतंकी और पाकिस्तानी सेना मिलकर प्रशिक्षण दे रही है ताकि घुसपैठ कराई जा सके।
खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी के अनुसार इस कैंप में तैयार होने वाले आतंकियों के लिए 3 नए लांचिंग पैड भी बनाए गए हैं। प्रशिक्षण के बाद आतंकियों को कैंप से उक्त लांचिंग पैड में भेजा जा रहा है, ताकि यह लोग घुसपैठ कर सकें।
उल्लेखनीय है कि उक्त कैंप में जैश ए मोहम्मद और लश्कर के आतंकी सबसे अधिक हैं। जैश ए मोहम्मद के आतंकियों को फिदायीन हमलों के लिए तैयार किया जा रहा है, जबकि लश्कर के आतंकियों को अन्य हमलों के लिए। रिटायर कर्नल वी के साही कहते हैं कि सर्दी से पहले आतंकियों की एलओसी से घुसपैठ की कोशिशें तेज हो जाती हैं। यह भी सच है कि पाकिस्तान में स्थानीय हालात बिगड़ने पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का प्रयास होता है कि जम्मू में भी हालात खराब किए जाएं।
तीन बड़ी घुसपैठ हो चुकीं
बता दें कि 24 अगस्त को सेना ने दरहाल में एक आतंकी को गिरफ्तार किया था। अभी तीन दिन पहले राजोरी में एलओसी पर घुसपैठ करते तीन आतंकी ढेर किए थे। इससे पहले कश्मीर के टंगधार में घुसपैठ नाकाम की गई और इसमें 2 आतंकी मार गिराए गए। सूत्रों के मुताबिक यह सभी घुसपैठ उक्त कैंप में प्रशिक्षण लेकर लांचिंग पैड में पहुंचे आतंकियों ने की थी।
गृह युद्ध से बचने का षड्यंत्र
सैन्य सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर हमले के बाद वहां गृह युद्ध जैसे हालात हैं। इससे पाकिस्तानी लोगों का ध्यान भटकाने के लिए आतंकियों की घुसपैठ कराने का दबाव बनाया जा रहा है, ताकि घुसपैठ के बाद बड़ा हमला किया जाए और जम्मू कश्मीर में माहौल खराब किया जाए।