यूं तो वैष्णो देवी के श्रद्धालुओं की संख्या में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी रहता है, लेकिन हर वर्ष 31 दिसंबर को यहां आने वाले भक्तों की संख्या काफी रहती है। कई बार तो साल के आखिरी दिन यात्रा को रोकने का हालात तक उत्पन्न हो चुके हैं। इस बार भी 31 दिसंबर को भक्तों की संख्या अधिक रहने का अनुमान है।
आंकड़ों पर अगर नजर डालें वर्ष 2013 को 31 दिसंबर के दिन 35830 श्रद्धालुओं ने भवन में माथा टेका था। इससे पहले 2012 में 46861 व 2011 को साल के आखिरी दिन 45754 भक्तों ने प्राकृतिक पिंडियों के समक्ष नमन किया था।
वर्ष 2010 में भी भक्तों की संख्या 40 हजार से अधिक रही थी। आंकड़े बताते हैं कि इस बार भी साल के आखिरी दिन भक्तों की संख्या अधिक रहेगी तथा इसी के मद्देनजर भवन में सुविधाओं का विशेष ध्यान भी दिया जा रहा है। हालांकि इस बार श्रद्धालुओं की संख्या का वार्षिक आंकड़ा पिछले दो वर्षों के मुकाबले काफी गिरा है।
जानकारी के अनुसार बुधवार के लिए वहां पर कमरों के लिए अडवांस में बुकिंग हो चुकी है तथा इसी प्रकार से हेलिकाप्टर सेवा भी पहले से पैक बताई गई है। हालांकि धर्मनगरी के होटलों आदि की बुकिंग पर नजर डालें तो अभी ओर भक्तों के ठहरने की काफी गुंजाइश बताई जा रही है।