मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने वीरवार को पीएम विश्वकर्मा और एमएसएमई उत्पादकता बढ़ाने (आरएएमपी) जैसी क
- अटल डुल्लु ने पीएम विश्वकर्मा व आरएएमपी योजनाओं की समीक्षा करते हुए दिए आदेश
- कहा - जिला उपायुक्त प्रशिक्षण केंद्रों का नियमित निरीक्षण करें
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में कारीगरों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण को बढ़ाया जाए। ये निर्देश मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने अधिकारियों को जारी किए हैं। जिला उपायुक्तों को संबंधित प्रशिक्षण केंद्रों का दौरा करके यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि उम्मीदवारों को योजना के तहत अनिवार्य गुणवत्ता प्रशिक्षण दिया जाए। मुख्य सचिव ने वीरवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर यूटी में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग (आईएंडसी) द्वारा कार्यान्वित पीएम विश्वकर्मा और एमएसएमई उत्पादकता बढ़ाने (आरएएमपी) जैसी केंद्र प्रायोजित योजनाओं की समीक्षा की।
उन्होंने पिछली बैठक में उठाए गए मुद्दों पर कार्रवाई रिपोर्ट ली। जिलों में विभिन्न ट्रेडों के लिए किए गए प्रशिक्षण और पंजीकरण के बीच संतुलन बनाने और कुछ व्यवसायों के प्रति लोगों के बीच कम आकर्षण पर ध्यान देने के लिए कहा। कहा कि विभाग उक्त योजना के तहत लाभ उठाने के लिए अपने कारीगरों के बीच जागरूकता बढ़ाए। उन्होंने वित्तीय संस्थानों के साथ पंजीकृत कारीगरों के क्रेडिट लिंकेज के बारे में जानकारी ली। आरएएमपी योजना के संबंध में एमएसएमई क्षेत्र को औपचारिक बनाने के लिए आवश्यक उपाय करने को कहा गया। आयुक्त सचिव आईएंडसी विक्रमजीत सिंह ने उक्त योजनाओं के सुचारू कार्यान्वयन के लिए विभाग द्वारा की गई गतिविधियों का विवरण दिया। बताया गया कि पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत 18 नामित ट्रेडों में पंजीकृत कारीगर 5 प्रतिशत की रियायती ब्याज दर पर 2 किश्तों में 3 लाख रुपये तक की ऋण सहायता के लिए पात्र हैं। पंजीकरण और सत्यापन विभाग द्वारा किया जाता है और पिछली बैठक के बाद से इसमें तेजी लाई गई है। प्रशासनिक सचिव एसडीडी कुमार राजीव रंजन ने कारीगरों को विभिन्न पॉलिटेक्निक कॉलेजों व आईटीआई के माध्यम से दिए गए प्रशिक्षण के बारे में जानकारी दी। अधिकांश पंजीकृत कारीगर सिलाई, राजमिस्त्री और बढ़ई के व्यवसाय में हैं। अब तक 70 सरकारी और 152 (एनएसडीसी अनुमोदित) निजी प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से लगभग 60924 कारीगरों को प्रशिक्षित किया गया है। बुनियादी कौशल देने के बाद इन्हें आवश्यक सहायता और टूलकिट प्राप्त करने के लिए उनके कौशल का प्रमाण पत्र के अलावा उन्नत कौशल प्रदान किया जाता है। आरएएमपी योजना के कार्यान्वयन पर एमडी, टीपीओ खालिद जहांगीर ने बताया संगठन द्वारा यहां लगभग 1835 उद्यम और 1434 गैर-उद्यम पंजीकृत एमएसएमई का बेसलाइन सर्वेक्षण किया गया था। यूटी में लगभग 3.9 लाख सूक्ष्म, 0.49 लाख लघु और 290 मध्यम उद्यम हैं।