ट्रक आपरेटर्स यूनियन के चुनाव पर रोक लगाते हुए जिला प्रशासन ने यूनियन के दफ्तर को सील कर दिया है। पुलिस बल के साथ पहुंची प्रशासनिक टीम ने यूनियन के दफ्तर पर चुनाव पर रोक लगाने का नोटिस चस्पा कर दिया।
टीम ने यूनियन के दफ्तर की संपत्ति को भी सील कर दिया है। इसके साथ ही यूनियन के कामकाज का नियंत्रण अपने नियंत्रण में ले लिया है। इसके लिए क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी कार्यालय को जिम्मा सौंपा गया है।
उधर, यूनियन के मुद्दों और समस्याओं के निपटारे के लिए कमेटी का गठन कर दिया गया है। अब पुलिस और एवीडी की देखरेख में ट्रकों के आनेजाने, रूट आदि की पर्ची काटी जाएगी।
बुधवार को होना था मतदान
दरअसल, पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत ट्रक आपरेटर्स यूनियन का एक धड़ा मतदान की प्रक्रिया के लिए तैयार था। बुधवार को प्रस्तावित मतदान की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही तहसीलदार कठुआ जितेंद्र मिश्रा की अध्यक्षता में प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई।
डीएसपी मुख्यालय मुशीम अहमद सहित पुलिस टीम ने जिला मजिस्ट्रेट के आदेश को लागू करने की कवायद शुरू कर दी। सबसे पहले चुनाव पर तत्काल रोक के आदेश की प्रति प्रदर्शित कर दी गई, जिसके बाद यूनियन के दफ्तर सहित अन्य इमारती ढांचों को सील कर दिया गया।
इनमें यूनियन की तीन दुकानों और चार हॉल भी शामिल हैं। संपत्ति सील करने से पहले संपत्ति का ब्योरा तैयार किया गया। इसके बाद प्रशासन ने यूनियन के कामकाज का जिम्मा आरटीओ के अधीन कर दिया।
ये हैं प्रशासन के तर्क
ट्रक आपरेटर्स यूनियन चुनाव की प्रक्रिया पर ऐन मतदान के मौके पर रोक लगाते हुए प्रशासन ने कानूनी आधार भी बताया है। मुख्य तौर पर तीन बड़े तर्क दिए गए हैं, जिनमें यूनियन के दोनों धड़ों के बीच आए दिन टकराव होना, यूनियन चुनाव की मतदाता सूची में स्पष्टता का अभाव और प्रतिभागी सदस्यों की प्रमाणिकता का हवाला दिया गया है।