- सुप्रीम आदेश के बाद सांबा में पशु कल्याण प्रबंधों पर सख्ती बढ़ी
- जिम्मेदारियों की समीक्षा कर हर 15 दिन में रिपोर्ट अनिवार्य की
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। सुप्रीम कोर्ट के सात नवंबर, 2025 के आदेशों के बाद जिला प्रशासन ने पशु कल्याण से जुड़े प्रबंधों पर सख्ती बढ़ा दी है। बुधवार को जिला पशु क्रूरता निवारण सोसायटी (एसपीसीए) की बैठक डीसी सांबा आयुषी सूदन की अध्यक्षता में हुई। इसमें नगर निकायों और पंचायतों को लावारिस पशुओं की संख्या नियंत्रित करने के लिए संयुक्त एक्शन प्लान बनाने के निर्देश दिए गए। सभी विभागों को जल्द खामियां दूर करने और हर 15 दिन में अनुपालन रिपोर्ट भेजने का आदेश दिया गया। सभी विभागों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि निर्देशों के अनुपालन में कोताही स्वीकार नहीं होगी।
एसपीसीए के सदस्य सचिव राहुल देव ने जिले में चल रही गतिविधियों और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की विस्तृत प्रस्तुति दी। आदेशों में सरकारी ढांचों, फेंसिंग, बाउंड्री वॉल, गेट और स्ट्रक्चरल सेफ्टी की जिम्मेदारियां तय करने व नोडल अधिकारियों को नामित करने पर जोर दिया गया है। डीसी ने लावारिस पशुओं के प्रबंधन, सुरक्षित बाड़बंदी, रिकॉर्ड अपडेट और विभागीय जवाबदेही की स्थिति की समीक्षा की। बैठक में वन विभाग, पुलिस, पंचायतीराज, वन्यजीव, नगर परिषद व नगर समितियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रशासन ने कहा कि पशु सुरक्षा और नागरिक सुरक्षा दोनों सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। आने वाले दिनों में कड़े कदम देखे जाएंगे।