सचिव आरडीडी एंड पीआर ने की योजना प्रगति की समीक्षा की
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। ग्रामीण विकास विभाग और पंचायतीराज (आरडीडी एंड पीआर) के सचिव मोहम्मद एजाज असद ने सोमवार को हिमायत योजना की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में प्रदेश में ग्रामीण युवाओं को कौशल प्रदान करने और उन्हें रोजगार देने के उद्देश्य से योजना की प्रगति व भविष्य के मूल्यांकन पर ध्यान केंद्रित किया गया। सचिव ने हिमायत योजना की स्थिति का मूल्यांकन किया।प्रदेश में इसके कार्यान्वयन को बढ़ाने के उपाय सुझाए। उन्होंने अधिकारियों से योजना के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए रोजगार मेले आयोजित करने के निर्देश दिए। इसके अगले चरणों के लिए एक कार्य योजना बनाने के लिए कहा। इनमें उन जिलों पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जिन्हें पर्याप्त रूप से कवर नहीं किया गया है।
सचिव ने कहा कि हिमायत योजना को और बढ़ाया जा सकता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जम्मू-कश्मीर में ग्रामीण युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिल सकें। यह बताया गया कि अब तक हिमायत योजना के तहत 33,218 उम्मीदवारों को प्रशिक्षित किया गया है, जिनमें से 14,390 को विभिन्न क्षेत्रों में सफलतापूर्वक नियुक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त, वर्तमान में 702 व्यक्ति प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। हिमायत योजना के मुख्य परिचालन अधिकारी रजनीश गुप्ता ने परियोजना कार्यान्वयन एजेंसियों (पीआईए) के प्रदर्शन और चल रही गतिविधियों के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने जनवरी 2022 से नई परियोजनाओं के शुरू न होने और प्रवासन सहायता केंद्रों की कमी जैसी चुनौतियों को स्वीकार किया, जिसने प्रदेश से बाहर के लोगों के लिए नौकरी बनाए रखने को प्रभावित किया है। इन मुद्दों के समाधान के लिए गुप्ता ने कई सिफारिशें प्रस्तावित कीं, जिनमें जिला और ब्लॉक स्तर के कर्मचारियों की भागीदारी, नए पीआईए की ऑनबोर्डिंग, केंद्रीय निगरानी केंद्र की स्थापना और कौशल अंतर विश्लेषण का संचालन शामिल है। बैठक में आरडीडी कश्मीर के निदेशक शब्बीर हुसैन भट, वित्त निदेशक उमर खान, संयुक्त निदेशक योजना कमल कुमार, अतिरिक्त सचिव करतार सिंह, उप सचिव अब्दुल खबीर शामिल हुए।