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शहर में आशियाना बनाना होगा आसान

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जम्मू। शहर में अब घर बनाना और मकान की मरम्मत करवाना आसान होने वाला है। नगर निगम ने भवन निर्माण अनुमति नियमों में संशोधन के लिए सोमवार विशेष सत्र बुलाया है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण पुराने शहर के उन इलाकों में निर्माण व मरम्मत की विशेष अनुमति का प्रस्ताव शामिल है, जहां पूर्ववर्ती बिल्डिंग बाइलाज में अनुमति नहीं दी जा सकती। विशेष सत्र से पूर्व डिप्टी मेयर पूर्णिमा शर्मा, पार्षद राजेंद्र शर्मा, पवन सिंह और सुमित कुमार की उपस्थित में बैठक हो चुकी है। सोमवार को प्रस्तावित विशेष सत्र में यदि बिल्डिंग बाइलाज में संशोधन पर मुहर लग जाती है तो इससे शहर की बड़ी आबादी को राहत मिलेगी।
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नगर निगम के विशेष सत्र में मेयर चंद्र मोहन गुप्ता, डिप्टी मेयर पूर्णिमा शर्मा और आयुक्त अवनी लवासा मौजूद रहेंगी। विशेष सत्र में पार्षदों की सहमति से भवन नियमों में बदलाव पर मुहर लगाने की तैयारी है। इससे पूर्व के नियमों में जिन इलाकों की गलियां व रास्ते तंग हैं, वहां पर नया निर्माण अथवा मरम्मत की अनुमति देने में दिक्कतें आ रही हैं। ऐसे में हजारों की संख्या में लोगों के आवेदन लंबित पड़े हैं। विशेष सत्र के लिए तैयार एजेंडे के अनुसार पुराने शहर के तंगहाल इलाकों को बिल्डिंग बाइलाज के सख्त प्रावधानों में रियायत दी जाएगी। इसे लेकर पहले ही प्रस्ताव मंजूर हो चुके हैं। इसी तरह से मकान की मरम्मत के लिए ऐसा प्रावधान लाया जा रहा है, जिसमें अनुमति के बजाय मकान के मालिक को केवल निगम को सूचित करना होगा। यह लिखकर देना होगा कि मरम्मत के दौरान निकलने वाला मलबा वह खुद ही उठवाएंगे। इसी तरह से व्यावसायिक श्रेणी के भवन निर्माण में भी रियायत देने की तैयारी है। हाउसिंग कॉलोनी को व्यावसायिक श्रेणी में लाने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगेगी। अप्सरा रोड और अन्य जगहों में कॉलोनियों का प्रयोग कामर्शियल उद्देश्य से हो रहा है। जबकि यह आवासीय उद्देश्य से बनाई गई हैं।
सोमवार को भवन निर्माण नियमों समेत कई बिंदुओं पर चर्चा के लिए विशेष सत्र बुलाया गया है। इसमें जिन भी प्रस्तावों पर सहमति बनेगी, उसे पारित कर लागू करवाया जाएगा।
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- अवनी लवासा, आयुक्त नगर निगम जम्मू
पुराने शहर में हटाई कम चौड़े रास्तों की शर्त
पुराने शहर की कम चौड़े रास्तों की शर्त हटा दी है। अब रास्ते के अनुसार ही गृह निर्माण की अनुमति मिलेगी और शहरवासी मरम्मत भी करवा सकेंगे। पहले सेटबैक के चक्कर में नक्शे ही पास नहीं हो रहे थे। इस कारण लोगों को नए भवन बनाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
निगम फ्लैट निर्माण में लेगा शेल्टर फीस
बैठक के अनुसार नगर निगम फ्लैट निर्माण में शैल्टर फीस लेगा। इसके लिए फीस 25 प्रतिशत तक निर्धारित की गई है। इसके अलावा फ्लोर एरिया रेशो को पांच से दस प्रतिशत तक बढ़ाया जाएगा। इसमें नगर निगम सिर्फ अपनी फीस ही काटेगा। बेसमेंट परमिशन निशुल्क मिलेगी, जबकि वाणिज्यिक में 25 रुपये प्रति स्क्वेयर फुट के हिसाब से पैसे देने होंगे। चहारदीवारी की शर्त को पांच से सात मीटर किया गया है। इसे दो मीटर तक बढ़ाया जा सकता है। इससे चोरी की वारदात पर अंकुश लगेगा। ट्रस्ट की भूमि के लिए नए नियम बनाए गए हैं। इसमें ट्रस्ट सरकार से मान्यता प्राप्त है तो उसेे भवन निर्माण में अनुमति मिलेगी। सरकारी भूमि का दुरुपयोग नहीं हो सकेगा।
धार्मिक भवन निर्माण की नहीं देनी होगी फीस
अब धार्मिक स्थलों में भवन निर्माण की अनुमति के लिए फीस अदा नहीं करनी होगी। पहले अनुमति के चक्कर में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।
जेएमसी गिराएगा असुरक्षित भवन
असुरक्षित भवन को गिराने के लिए लोक निर्माण विभाग की अनुमति की जरूरत नहीं होगी। इन भवनों को जेएमसी गिराएगा। इससे पहले टीम क्षेत्र और स्थिति का जायजा लेकर आगे की कार्रवाई करेगी।
घर के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना होगा आसान
अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) के लिए अब लैंड टाइटल, बिजली, पानी और सीवरेज संबंधी अनुमति के बाद काम शुरू हो सकेगा। पहले एनओसी की लंबी प्रक्रिया थी। आर्थिक रूप से कमजोर और (पीएचएच) लोगों के घरों के निर्माण के लिए शर्त सरल होगी। दो फुट रास्ते का निर्माण होगा। अनुमति के लिए फीस अदा नहीं करनी होगी।
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