बर्फ से घिरे कुपवाड़ा के इलाकों में 36,000 क्विंटल चावल भेजा गया
संवाद न्यूज़ एजेंसी
कुपवाड़ा। उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा ज़िले के जिला उपायुक्त (डीसी) श्रीकांत बालासाहेब सुसे ने कहा है कि सर्दी के मौसम से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उनके अनुसार कश्मीर के संभागीय आयुक्त ने भी कई बार स्थिति की समीक्षा की है जबकि बर्फबारी के दौरान समय पर बर्फ हटाने के लिए लोक निर्माण विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और यांत्रिक अभियांत्रिकी विभाग को निविदाएं जारी कर दी गई हैं।
उन्होंने आगे कहा कि सभी भारी बर्फबारी वाले इलाकों में आवश्यक सामग्री पहले ही भेज दी गई है। इनमें खाद्यान्न, बिजली के बुनियादी ढांचे जैसे ट्रांसफार्मर, ट्रांसमिशन लाइनें, खंभे, जलापूर्ति उपकरण, रसोई गैस, मिट्टी का तेल और अन्य आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं। भारी बर्फबारी के कारण कई महीनों तक जिला मुख्यालयों से कटे रहने वाले क्षेत्रों में राशन की दुकानों में खाद्यान्न और आवश्यक वस्तुओं का भंडार पहले ही भर दिया गया है।
डीसी ने आगे कहा कि जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों को किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटने के लिए दवाओं और चिकित्सा आपूर्ति से लैस कर दिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सर्दियों के महीनों में जनता को किसी भी असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा क्योंकि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और सभी सुविधाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। उनके अनुसार इस वर्ष प्रशासन का लक्ष्य पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर प्रतिक्रिया प्रदान करना है। जम्मू और कश्मीर में सर्दियों के आगमन के साथ कुपवाड़ा जिले के प्रशासन ने उन क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं का भंडारण शुरू कर दिया है जो अक्सर भारी बर्फबारी के कारण कटे रहते हैं।
अधिकारियों ने कहा कि सीमांत जिले के कई क्षेत्र हर साल जिला ज़िला मुख्यालय और देश के बाकी हिस्सों से कट जाते हैं जिससे खाद्यान्न और रसोई गैस की अस्थायी कमी हो जाती है। मिली रिपोर्टों के अनुसार चावल, आटा, चीनी और एलपीजी सिलेंडर सहित राशन की आपूर्ति पहले ही बर्फबारी की चपेट में आने वाले इलाकों जैसे करनाह, केरन, मच्छिल, कंडी और अन्य दूरदराज के इलाकों में भेज दी गई है। अब तक लगभग 36,000 क्विंटल चावल इन क्षेत्रों में पहुंच चुका है जबकि खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा 4,000 क्विंटल चावल पहुंचाया जा रहा है। इसके अलावा, आने वाले महीनों में पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने के लिए लगभग 260 क्विंटल चीनी और 1,400 क्विंटल आटा भी उपलब्ध कराया गया है।