एडीजीपी रेलवे सुनील कुमार ने यूएसबीआरएल परियोजना के महत्व के बारे में भी बताया। कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद कश्मीर घाटी रेल के माध्यम से देश के बाकी हिस्सों से जुड़ जाएगी।
रेलवे परियोजना का काम पूरा होने पर कश्मीर घाटी रेल के माध्यम से देश के बाकी हिस्सों से जुड़ जाएगी। इसके लिए विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों की पर्याप्त जनशक्ति को रेलवे ट्रैक, स्टेशनों पर तैनात किया जाएगा। यह बात एडीजीपी रेलवे सुनील कुमार ने रेलवे सुरक्षा उपकरण की आवश्यकता का आकलन करने संबंधी आयोजित अनुशासनात्मक समिति की बैठक में कही।
विज्ञापन
उन्होंने यूएसबीआरएल परियोजना के महत्व के बारे में भी बताया। बैठक में एडीआरएम जम्मू सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। समिति के अध्यक्ष ने प्रतिभागियों को अवगत कराया कि परियोजना का पूरा होने पर कश्मीर घाटी रेल के माध्यम से देश के बाकी हिस्सों से जुड़ जाएगी।
इस उद्देश्य के लिए विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों की पर्याप्त जनशक्ति को रेलवे ट्रैक, स्टेशनों पर तैनात करने की आवश्यकता है। सुरक्षा उद्देश्यों से सुरंगें और पुल महत्वपूर्ण हैं। समिति ने निर्णय लिया कि कठौ से बारामुला तक रेलवे ट्रैक के पूरे खंड को चार भागों में विभाजित किया गया है।
विज्ञापन
निरीक्षण दल जम्मू-कश्मीर में रेलवे सुरक्षा उपकरण की आवश्यकता का आकलन कर रहा है। खुफिया एजेंसियों की प्रतिक्रिया पर भी विस्तृत चर्चा हुई। विशेष रूप से बनिहाल-काजीगुंड रेलवे सुरंग की सुरक्षा से संबंधित है।