महराजा हरि सिंह अस्पताल से आतंकी नवीद को फरार कराने में शामिल पांच में दो आतंकी और दो ओजीडब्लू को जम्मू कश्मीर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए चारों आरोपी कोकरनाग पुलवामा के रहने वाले हैं। जबकि एक अन्य आतंकी हिलाल अभी फरार है।
उसी ने मौकाए वारदात पर पुलिस पर हमला कर नवीद को पिस्टल थमाई थी। पुलिस हिलाल की तालाशी में छापेमारी कर रही है। नवीद को फरार होने के मामले में स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम(एसआईटी) का गठन किया गया है।
जम्मू कश्मीर पुलिस के एडीजीपी मुनीर खान ने वीरवार को प्रेस कांफ्रेंस कर इस गिरफ्तारी और पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। अस्पताल फरार हुए आतंकी नवीद जट को भगाने की साजिश चार महीने पहले से ही रची जा रही थी। लेकिन सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता होने के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका।
इसलिए आतंकियों ने श्रीनगर के अस्पताल से नवीद को भागने का प्लान तैयार किया। श्रीनगर से नवीद को भगाने में बाइक का इस्तेमाल किया गया। फरारी के बाद वह दिन भर श्रीनगर में ही रूका था। देर रात शहर से निकलने के लिए उसने कार का सहारा लिया था। पुलिस ने दोनों ही वाहनों को बरामद कर लिया है।
एडीजीपी ने बताया कि आतंकियों को रोकने के लिए हम भी अस्पताल परिसर में फायरिंग का जवाब दे सकते थे लेकिन हम पुलिस वाले हैं आतंकी नहीं। क्योंकि इससे अन्य बेकसूर नागरिकों के मारे जाने की संभावना पैदा हो सकती थी।
उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि इस पूरी घटना को अंजाम देने लिए जेल के अंदर मोबाइल फोन का प्रयोग हुआ है। जेल प्रशासन भी इस पूरी घटना की जांच कर रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस को शक है कि लश्कर अपने टॉप दो कमांडारों अबु दुजाना और अबु इस्माइल के मारे जाने के बाद नवीद को कमांडर बना सकता है।
मुनीर खान ने कहा कि इस पूरे केस की बारीकी से जांच की जरूरत है तभी हर पहलू से पर्दा उठ सकेगा। वे बोले- मामले की जांच कर रही पुलिस की पूरी टीम बधाई की पात्र है क्योंकि इतने कम समय केस के काफी करीब तक हम पहुंच चुके हैं।
उन्होंने कहा कि जल्द ही हम इस पूरे केस को सुलझा कर अन्य जानकारियां साझा करेंगे। सोशल मीडिया पर चल रही नवीद की तस्वीरों के मामलें में उन्होंने कहा- मैं ऐसी किसी भी चीज के बारे में बात नहीं करूंगा जिसकी पुष्टि न हुई हो।