जिला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने वीरवार को तीन रोहिंग्याओं की ओर से दायर जमानत अर्जी खारिज कर दी। इन्हें अवैध अप्रवासियों के खिलाफ जिला स्तरीय अभियान के तहत उधमपुर से हिरासत में लिया गया था।
म्यांमार के रहने वाले मोहम्मद जुबैर, नाजिम उल्लाह और हारून वर्तमान में जम्मू के करयानी तालाब इलाके में रह रहे थे। इनके प्रवास को अवैध करार देते हुए हिरासत में लिया गया था। इसके चलते आरोपियों ने जमानत के लिए आवेदन किया था जिसमें कहा था कि वे किसी भी अपराध में शामिल नहीं हैं और पंजीकृत शरणार्थी हैं। उनके पास पहचान पत्र हैं। दायर याचिका को लेकर दर्ज की गई आपत्ति में तर्क दिया कि आवेदकों को पांच जून 2025 को गृह विभाग के आदेश के तहत गठित विशेष कार्य बल ने उधमपुर में अवैध अप्रवासी के रूप में पहचान कर हिरासत में लिया था।
इन्हें हीरानगर जेल में बनाए गए होल्डिंग सेंटर में रखा गया जहां उन्हें कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद वापस भेजा जाएगा। अदालत ने पाया कि आवेदकों ने वैध दस्तावेजों के बिना भारतीय क्षेत्र में प्रवेश किया था और यहां पर अवैध रूप से रह रहे थे।
अदालत ने कहा कि उनका इस तरह से देश में रहना वर्तमान भू-राजनीतिक संदर्भ में सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए संभावित खतरा पैदा कर सकता है। इसलिए उनकी जमानत याचिका को खारिज किया जाता है।