बालीवुड अभिनेता, निर्माता एवं निर्देशक राहुल भट्ट ने कहा कि घाटी के मौजूदा हालात में कश्मीरी पंडितों की वापसी अभी मुमकिन नहीं है।
खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कश्मीर दौरे के दौरान दुकानों के शटर गिरे होते हैं, आम लोगों की आवाजाही बंद कर दी जाती है। घाटी में सरपंच तक सुरक्षित नहीं है।
ऐसे में राजनेता होमलैंड के मुद्दे पर सिर्फ राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि घाटी में हालात सामान्य होने के बाद जब तक सेना की पूरी तरह से वापसी नहीं हो जाती तब तक पंडित असुरक्षित हैं।
घर वापसी करके भी पंडितों का उज्ज्वल भविष्य नहीं है। कश्मीर में पहले हालात को सामान्य बनाना होगा। होमलैंड के मामले में पंडितों को फैसला लेना होगा। उन्हें अपनी सुरक्षा को पहले सुनिश्चित बनाना है।
कश्मीर में भारी सुरक्षाबल तैनात हैं। ऐसे में हालात को सामान्य कैसा कहा जा सकता है। पंडितों के उत्थान के लिए सरकार उचित कदम उठाए। कश्मीर में बालीवुड की वापसी करके कश्मीरी कलाकारों को बढ़ावा देने पर काम किया जाएगा।
उन्होंने विस्थापितों का साथ देने के लिए जम्मूवासियों की प्रशंसा की। भट्ट, राकेश भट्ट के लेखन और रोहित भट्ट के निर्देशन में अभिनव थियेटर में मंगलवार को पीर पंचाल एंड वेमेध रंगमंच की ओर से मंचित किए जा रहे नाटक ए और बीरबल में शिरकत करने पहुंचे हैं।