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अमरनाथ यात्रा के दौरान पत्थरबाजों की आएगी शामत, सुरक्षाबलों ने कसी कमर

Wed, 28 Jun 2017 09:33 PM IST
बृजेश कुमार सिंह,अमर उजाला/जम्मू
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फाइल फोटो
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घाटी में पत्थरबाजों की अब शामत आएगी। अमरनाथ यात्रा के दौरान किसी प्रकार की गड़बड़ी न होने पाए, इसके लिए सुरक्षा बलों को इन्हें काबू करने के निर्देश दिए गए हैं। गृह मंत्रालय की पत्थरबाजों से सख्ती से निपटने की हिदायत के बाद घाटी के सभी जिलों में पत्थरबाजों को सूचीबद्ध कर उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।
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प्रशासन को इस बात के खुफिया इनपुट मिले हैं कि यात्रा में खलल डालने की नापाक साजिश के तहत पत्थरबाजों को अमरनाथ यात्रियों के काफिले पर हमले को उकसाया जा सकता है। खासकर अमरनाथ यात्रा के मार्ग पर आने वाले स्थानों पर सक्रिय पत्थरबाजों की धरपकड़ को कहा गया है।

इसके तहत दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग, कुलगाम, पुलवामा तथा श्रीनगर, गांदरबल जिलों में पत्थरबाजी के आरोप में पकड़े गए युवाओं तथा लोगों को काबू करने की रणनीति बनाई गई है। महिला पत्थरबाजों पर भी नजर रखने को कहा गया है। स्कूल-कालेजों पर भी विशेष नजर रखने की हिदायत है। 
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पत्थरबाजी में छात्राओं को भी शामिल करने की साजिश

फाइल फोटो
आशंका है कि स्कूल-कालेज के  छात्र-छात्राओं को भी पत्थरबाजी के लिए उकसाया जा सकता है। हाल के दिनों में छात्राओं के भी पत्थरबाजी में शामिल होने को गंभीर संकेत मानते हुए इन पर पैनी निगाह रखने तथा इन्हें भड़काने वाले तत्वों को भी काबू करने को कहा गया है।

सूत्रों का कहना है कि रणनीति यह है कि यात्रा के दौरान कहीं भी अमरनाथ यात्रियों पर पत्थरबाजी न हो, यह हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए खुफिया एजेंसियों का भी सहारा लिया जा रहा है। इन जिलों में सक्रिय पत्थरबाजों की धरपकड़ के लिए लगातार छापेमारी कर उन्हें गिरफ्तार करने को कहा गया है।

यह भी रणनीति बनाई गई है कि इन पत्थरबाजों को गिरफ्तार करने के बाद कश्मीर संभाग के बजाय जम्मू संभाग की जेलों में रखा जाए, ताकि जेल से भी पत्थरबाजों को आपरेट न किया जा सके। 
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पिछले साल कई महीनों तक चली थी हिंसा

फाइल फोटो
पिछले साल मुठभेड़ में हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद पत्थरबाजी का सिलसिला घाटी में तेज हुआ था। नवंबर के बाद कुछ महीने तक पत्थरबाजी की घटनाएं थोड़ी कम रहीं, लेकिन फिर श्रीनगर उपचुनाव के दौरान शुरू हुआ पत्थरबाजी का सिलसिला अब तक चल रहा है।

वर्ष 2016 में हिज्ब कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद 8587 लोगों को पत्थरबाजी के आरोप में पकड़ा गया था, जिनमें 519 किशोर थे। गत जनवरी महीने तक 8473 को रिहा कर दिया गया। पकड़े गए लोगों में 3987 की उम्र 18 से 30 साल के बीच थी। 2761 को विभिन्न धाराओं में गिरफ्तार किया गया था। पकड़े गए लोगों में से 522 को पीएसए में निरुद्ध किया गया था।
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