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Jammu News: निजी स्कूल नहीं ले सकेंगे वार्षिक शुल्क, उपायुक्त ने दिया आदेश

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आदेश का पालन न करने वाले स्कूलों के प्रबंधकों पर होगी कानूनी कार्रवाई
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संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जिले के निजी स्कूल अब अभिभावकों से वार्षिक शुल्क वसूल नहीं कर सकेंगे। क्योंकि, उपायुक्त अनुराधा गुप्ता ने लूट मचाने वाले निजी स्कूलों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। उन्होंने निजी स्कूलों के प्रबंधकों को आदेश दिया है कि अभिभावकों से वार्षिक शुल्क न लिया जाए। ऐसा करने पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। इसके लिए उन्होंने एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है।
उपायुक्त के अनुसार उन्हें जानकारी मिली थी कि नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के साथ कुछ निजी स्कूल वार्षिक शुल्क, प्रवेश शुल्क, आदि की मांग कर रहे हैं। शुल्क निर्धारण और विनियमन समिति एफएफआरसी के अनुमोदन के बिना शिक्षण शुल्क के अलावा वार्षिक शुल्क में वृद्धि भी की गई है। यह भी बताया कि निजी विद्यालयों द्वारा किसी दुकान विशेष से पाठ्य पुस्तक, लेखन सामग्री, गणवेश, आदि की खरीद के संबंध में शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। कुछ निजी स्कूल किताबों की खरीद को निर्दिष्ट कर माता-पिता पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालने की कोशिश कर रहे हैं, जो उस बोर्ड से निर्धारित नहीं है, जिससे स्कूल संबद्ध हैं।
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सूचित किया कि बच्चों को कक्षा एक में प्रवेश देने से इंकार करने के संबंध में शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। कहा जा रहा है कि बच्चे की आयु छह वर्ष से कम है। जबकि, यह देखा गया है कि स्कूल शिक्षा नियमावली 2010 के नियम 8ए में स्कूल बैग के वजन के संदर्भ में स्कूल प्रमुख के कर्तव्यों को निर्धारित किया गया है। स्कूल बैग के वजन को विनियमित करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। संबंधित स्कूलों द्वारा अनुपालन न करने के मामलों में दंडात्मक प्रावधान है। निजी स्कूलों के खिलाफ किसी भी मामले में हेल्पलाइन नंबर 01923-241004 पर शिकायत की जा सकती है।
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