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कश्मीर के बाद अब जम्मू संभाग में डॉक्टरों की निजी प्रेक्टिस पर प्रतिबंध की तैयारी

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जम्मू। जम्मू-कश्मीर के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की हाजिरी सुनिश्चित करने के लिए उनकी प्राइवेट प्रेक्टिस पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने की तैयारी की जा रही है। इससे पहले कश्मीर में डॉक्टरों की निजी प्रेक्टिस पर रोक लगा दी गई है। अब जम्मू संभाग में इसके लिए स्वास्थ्य व चिकित्सा विभाग कार्य योजना तैयार कर रहा है। प्रतिबंध को अमल में लाने के लिए एनपीए (नॉन प्रेक्टिस भत्ता) के प्रस्ताव को वित्त विभाग के पास भेजा गया है। विभाग ने हाल ही में स्किम्स श्रीनगर में फैकल्टी सदस्यों की निजी प्रेक्टिस पर प्रतिबंध लगाया था।
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सितंबर में उच्च न्यायालय ने भी एक मामले में निजी प्रेक्टिस पर जवाब दिया था। प्रदेश में निजी प्रेक्टिस पर प्रतिबंध की प्रक्रिया में सैकड़ों डॉक्टर आएंगे। इसके लिए एनपीए की राशि के लिए वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजकर कार्य योजना बनाई जा रही है। स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग के वित्तीय आयुक्त अटल डुल्लू ने बताया कि डॉक्टरों की निजी प्रेक्टिस पर प्रतिबंध का प्रस्ताव पाइपलाइन में हैं। इसके लिए पहले वित्त विभाग से एनपीए के लिए राशि जुटाई जाएगी।
हालांकि डॉक्टरों के निजी प्रेक्टिस को लेकर कई तर्क रहे हैं। डॉक्टर वर्ग का कहना है कि प्रदेश में डॉक्टरों की कमी है, जिससे निजी स्तर पर प्रेक्टिस बंद होने से लोगों को असुविधाएं होंगी। निजी प्रेक्टिस पर प्रतिबंध लगाने से पहले सरकार को जम्मू-कश्मीर में चिकित्सा ढांचे को मजबूत बनाना होगा। जिससे सभी लोगों को सरकारी चिकित्सा संस्थानों में उचित चिकित्सा सुविधाएं मिलना सुनिश्चित हो सकें।
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