रियासत में महिलाओं पर तेजाब फेंकने के मामलों पर कोई अंकुश नहीं लग पा रहा है। खासकर कश्मीर संभाग में ऐसे मामले बढ़ते जा रहे हैं। तेजाब की बिक्री सिर्फ लाइसेंस वालों को ही होती है, फिर भी मनचले इसको खरीद लेते हैं। तेजाब की घटनाओं पर अंकुश लगाने में सरकार विफल साबित हो रही है।
सरकार ने सिर्फ इतनी व्यवस्था की है कि तेजाब पीड़ितों को नि:शुल्क उपचार दिया जाता है। पिछले दस सालों में तेजाब की हुई अधिकतर घटनाएं कश्मीर संभाग में हुईं। वीरवार को भी श्रीनगर में एक विधि छात्रा पर तेजाब फेंकने की घटना हुई।
इस साल कश्मीर में तेजाब फेंकने की यह दूसरी घटना है। इसी वर्ष जनवरी माह में आनंतनाग में चार अज्ञात युवकों ने एक छात्र के चेहरे पर तेजाब फेंक दिया था। पिछले 10 सालों में जम्मू संभाग में सिर्फ किश्तवाड़ और आरएसपुरा में युवतियों के चेहरे पर तेजाब फेंकने की दो घटनाएं हुईं, लेकिन कश्मीर में छह से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं।
शहर में खुलेआम बिक रहा तेजाब
सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि तेजाब की बिक्री सिर्फ उन्हीं लोगों को हो, जिनके पास इसे खरीदने का लाइसेंस है। लेकिन फिर भी मनचले इसे खरीद ही लेते हैं। इसकी नियमित बिक्री पर होने वाली निगरानी में कहीं न कहीं चूक हो रही है। खासकर कश्मीर संभाग में इसकी ब्रिकी पर कोई निगरानी नहीं हो रही। इसकी वजह से सालभर में यह दूसरी घटना सामने आ गई।
नजर रखने का नियम
गृह विभाग के प्रधान सचिव सुरेश कुमार का कहना है कि इसकी नियमित रूप से निगरानी रखने के लिए हर एक जिले के जिला उपायुक्त को निर्देश जारी कर रखे हैं। इसकी बिक्री पर प्रतिबंध तो नहीं, लेकिन सिर्फ लाइसेंस वालों को ही यह मिलना चाहिए। बाकी कहां चूक हो रही है, इसको लेकर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
जनवरी और मई भारी
पिछले दस सालों में युवतियों के चेहरों पर तेजाब फेंकने की घटनाओं में एक बात समान है। सभी घटनाएं या तो जनवरी माह में हुई या फिर मई माह में।
कब-कब हुई तेजाब फेंकने की घटनाएं
जनवरी 2014, अनंतनाग में चार अज्ञात युवकों ने छात्र पर तेजाब फेंका
02 जनवरी 2013 : श्रीनगर में मनचलों ने महिला शिक्षक पर तेजाब फेंका गया
10 मई 2013 : उत्तर कश्मीर में 19 वर्षीय युवती पर तेजाब फेंका
26 मई 2012 : आरएसपुरा में एक एसपीओ ने युवती पर तेजाब फेंका
मई 2006 : किश्तवाड़ में युवती के चेहरे पर तेजाब फेंकने की घटना सामने आई
2004 : पुलवामा में युवती पर तेजाब फेंका गया