जम्मू। जम्मू-कश्मीर कला संस्कृति और भाषा अकादमी को अब साहित्य अकादमी, संगीत नाटक अकादमी और ललित कला अकादमी की तर्ज पर अनुदान और लाभ मिलेगा। प्रदेश प्रशासनिक परिषद ने जम्मू-कश्मीर कला संस्कृति और भाषा अकादमी को सोसायटी पंजीकरण अधिनियम 1860 के तहत पंजीकृत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
उप-राज्यपाल की अध्यक्षता में हुई प्रशासनिक परिषद की बैठक में यह फैसला लिया गया। अकादमी जम्मू-कश्मीर राज्य के संविधान पर काम करती थी, लेकिन जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 लागू होने के बाद वह निष्प्रभावी हो गया है। जम्मू-कश्मीर कल्चरल अकादमी को सोसायटी का रूप दिया जाएगा। इससे अकादमी को केंद्र सरकार के अनुदान पर चलने वाली संस्थाओं की तरह लाभ मिलेगा। नई सोसायटी का संचालन उप-राज्यपाल की अध्यक्षा में एकशासी निकाय द्वारा किया जाएगा। इसमें केंद्रीय समिति, वित्त समिति सहित अन्य प्रशासनिक प्राधिकरण भी होंगे। सोसायटी कला, संस्कृति, साहित्य प्रकाशन से जुड़े कार्य को बढ़ावा देगी।