एलओसी पर घुसपैठ के 20 रूटों को चिह्नित कर त्रि स्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है। पहले घेरे में सेना और बीएसएफ की मुस्तैदी है, जबकि दूसरे घेरे में विलेज डिफेंस कमेटी (वीडीसी) सदस्य और तीसरे में पुलिस की नाकाबंदी है। किसी भी संदिग्ध हलचल पर पूरा सुरक्षा तंत्र त्वरित कार्रवाई करता है। इसी रणनीति की वजह से आतंकी और उनके कई मददगारों को पकड़ा गया है।
हमले के लिए जहां से कबाइली आए, वहां घुसपैठियों की नजर
वर्ष 1947 में कश्मीर के जिन इलाकों से पाकिस्तानी कबाइलियों ने हमला किया था, आतंकियों ने लंबे अरसे बाद उन रूटों से घुसपैठ की कोशिश शुरू कर दी है। हाल ही में गुलमर्ग, बांदीपोरा और बारामुला के बोनियार से आतंकी घुसपैठ हुई है। इन रूटों से लंबे अरसे बाद घुसपैठ हुई। यह रूट बांदीपोरा, गंगबल से छतरगुल से होकर गुजरता है।