वक्फ कानून को निरस्त करने की मांग
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में बीते मंगलवार को वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा की मांग को लेकर एनसी, कांग्रेस और पीडीपी के सदस्यों ने हंगामा किया। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने विधानसभा में एक नया प्रस्ताव पेश किया। जिसमें केंद्र सरकार से वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 को निरस्त करने का आग्रह किया गया। वहीं सदन को आधे घंटे के लिए स्थगित कर दिया गया।
नेकां विधायक सिर्फ ड्रामे कर रहे : नेता प्रतिपक्ष
नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने कहा कि नेकां विधायक जो उपमुख्यमंत्री भी रहे हैं, ने सदन में कहा कि विधानसभा की कार्यवाही नहीं चलने देंगे। ऐसा पहला बार हुआ है। यह ट्रेजरी बेंच के विधायकों और चेयर के बीच फिक्सड मैच जैसा था। यह सब मीडिया गैलरी को दिखाने के लिए था। यह कश्मीर के गरीब बच्चों की धार्मिक भावनाओं को भड़काकर पत्थर थमाने की कोशिश है। नेकां विधायक सिर्फ ड्रामे कर रहे हैं। जबकि, लोकसभा में विधेयक पर चर्चा के दौरान नेकां सांसद गायब रहे। मीडिया में बयान देने के लिए उन्हें कहा गया था। यह लोग कश्मीर में सिर्फ अपना विरोध वाला फोटो भेजना चाहते हैं। कहा, सीएम ने केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू का अच्छे से स्वागत किया, जबकि उन्होंने ही वक्फ संशोधन विधेयक को टेबल किया था। सीएम की यह अच्छी बात है।
विधानसभा में कानून पर चर्चा होनी चाहिए: मुबारक गुल
नेकां विधायक मुबारक गुल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर मुस्लिम बहुल प्रदेश है। विधानसभा में वक्फ कानून पर चर्चा होनी चाहिए। प्रदेश के लोग इस कानून के खिलाफ हैं। कहा, क्या हम इस पर चर्चा न कर मुंह पर ताले लगा लें। भाजपा अगर सच में इस बिल को अच्छा बता रही है तो सदन में बताती कि मुसलमानों में इसके लिए क्या है। इस विधेयक का सदन में गैर-मुस्लिम सांसदों ने विरोध जताया है। हम भी विधानसभा में विधेयक पर चर्चा करना चाहते थे, लेकिन भाजपा विधायक हाथापाई पर उतर आए।
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