आतंकियों के ड्रैगन कनेक्शन उजागर होने के बाद सेना और सुरक्षा बलों ने पूरे कश्मीर में त्रिस्तरीय आपरेशन शुरू किया है।
इसके तहत एलओसी और बार्डर पर सीजफायर उल्लंघन का मुंहतोड़ जवाब देने के साथ ही घाटी में छिपे आतंकियों और उनके संरक्षकों की तलाश तेज कर दी गई है।
त्रिस्तरीय अभियान में घुसपैठ को विफल करना भी शामिल है। सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिले हैं कि घुसपैठ में सफल रहे आतंकी चीनी हथियारों की बड़ी खेप लेकर आए हैं।
1990 के बाद सेना का सबसे बड़ा सर्च ऑपरेशन
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- फोटो : Amar Ujala
1990 के बाद उत्तरी और दक्षिणी कश्मीर में सेना और सुरक्षा बलों का यह सबसे बड़ा सर्च आपरेशन है। संवेदनशील इलाकों के हर घर को खंगाला जा रहा है। दीपावली पर बड़े हमले के इनपुट मिलने के चलते यह आपरेशन शुरू किया गया है।
सेना से जुड़े सूत्रों के मुताबिक उड़ी हमले के बाद से आतंकियों के चीनी कनेक्शन के कई पुख्ता सबूत मिले हैं।
सीजफायर उल्लंघन के दौरान भी पाकिस्तानी रेंजर और सेना चीनी हथियारों का इस्तेमाल कर रही है। पाक द्वारा दागे गए मोर्टार भी चीन निर्मित पाए गए हैं। बारमुला में आतंकी ठिकाने से चीन के झंडे की बरामदगी ने सेना को और सतर्क किया है।
पुलवामा और सोपोर में सर्च ऑपरेशन जारी
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बारामुला के बाद पुलवामा और सोपोर में सर्च आपरेशन जारी है। पुलवामा के अरिहल और सोपोर के वारपोरा से एक दर्जन से अधिक संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है।
इनमें आतंकियों को पनाह देने वाले और स्लीपर सेल के सदस्य शामिल हैं। दीपावली तक सीजफायर उल्लंघन की घटनाएं बढ़ने की आशंका है। पाकिस्तानी सेना कवर फायर देकर घुसपैठ कराने की कोशिश कर रही है।