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सांसों की डोर टूटी: वो बच्चे जो कभी यहीं खेला करते थे, जिनकी हंसी से घर-आंगन चहक उठता था, बिखर गए तीन परिवार

Sat, 18 Jan 2025 03:38 PM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
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बड्डाल, तीन परिवार - फोटो : अमर उजाला
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8 दिसंबर : फजल हुसैन (40) की जीएमसी राजोरी में मौत। इसी दिन फजल की बेटी फरमाना (7) और राबिया कौसर (14) ने भी राजोरी से जम्मू लाए जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। परिवार के एक अन्य बच्चे रुक्सान अहमद (10) को भी एसएमजीएस अस्पताल जम्मू में बचाया नहीं जा सका।

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12 दिसंबर: फजल के 4 साल के बेटे रफ्तार अहमद ने भी एसएमजीएस अस्पताल में दम तोड़ दिया। वहीं, पत्नी शमीमा अख्तर को जीएमसी जम्मू में 20 दिन से अधिक आइसोलेशन में रखा गया।

परिवार 2
12 दिसंबर : बड्डाल के एक अन्य निवासी मोहम्मद रफीक की बेटी नाजिया कौसर (7) की जीएमसी राजोरी में मौत हो गई। वहीं, बेटे मोहम्मद इश्तियाक (10) की राजोरी से एसएमजीएस जम्मू लाते समय मौत।
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18 दिसंबर: इशफाक अहमद (12) की एसएमजीएस जम्मू से पीजीआई चंडीगढ़ ले जाते समय रास्ते में मौत।

23 दिसंबर: रफीक की गर्भवती पत्नी राजिया बेगम की जीएमसी राजोरी में मौत

परिवार-3
12 जनवरी : बड्डाल निवासी मोहम्मद असलम की बेटी नवीना कौसर (9) और बेटे जहूर अहमद (14) की एसएमजीएस अस्पताल जम्मू में मौत।

13 जनवरी : परिवार के तीसरे बच्चे मोहम्मद मारूफ (10) की एसएमजीएस अस्पताल और दादा मोहम्मद यूसुफ की जीएमसी राजोरी में मौत

14 जनवरी : असलम की बेटी सफीना कौसर (12) की एसएमजीएस अस्पताल में मौत

15 जनवरी : एक अन्य बेटी जबीना कौसर (10) ने भी एसएमजीएस अस्पताल में दम तोड़ा

17 जनवरी : परिवार से दादी जत्ती बेगम की जीएमसी राजोरी में मौत

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