आतंकियों के समूह पर भारी पड़ी दादा की दिलेरी
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उत्तरी कश्मीर में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों पर दादा की दिलेरी भारी साबित हुई।
13 हजार फीट की ऊंचाई वाली शमसाबाड़ी रेंज में आतंकियों की मूवमेंट देखने के बाद से मोर्चा संभाले हवलदार हंगपान दादा ने मुठभेड़ शुरू होने से लेकर आखिर तक हिम्मत नहीं हारी। पहले दो आतंकी ढेर किए। फिर एक और को मार गिराया।
बाद में चौथे आतंकी को शुक्रवार खत्म कर दिया गया। इस पूरे अभियान में साहस की नजीर बनने के बाद दादा खुद भी शहीद हो गए। सैन्य अधिकारी के अनुसार 36 वर्षीय हंगपान दादा ने पाक अधिकृत कश्मीर से घुसपैठ कर सरहद के इस पार आए चारों आतंकियों को सबसे पहले देखा था। वीरवार को आतंकियों के समूह को देखते ही दादा आतंकियों पर टूट पड़े।