बर्फ की चादर से ढकी गुलमार्ग की वादियां।
- फोटो : बसित जरगर
यहां के पहाड़ों में न केवल रोमांच है, बल्कि इतिहास और संस्कृति की अनमोल विरासत भी छिपी है। कठुआ के प्रवेश द्वार से शुरू होकर, सांबा के ऐतिहासिक किलों, जम्मू की आध्यात्मिक शांति और उधमपुर के शांत जंगलों से गुजरते हुए जब आप कश्मीर की जन्नत में कदम रखते हैं, तो वक्त जैसे ठहर जाता है।
बच्चों के लिए यह किताबी ज्ञान से परे रॉक क्लाइंबिंग और शिकारे की सवारी का अनुभव है, तो अभिभावकों और शिक्षकों के लिए सुकून के चंद लम्हे। आइए, इस बार अपनी छुट्टियों के कैनवास पर जम्मू-कश्मीर के रंगों को उकेरें और यादों का एक ऐसा गुलदस्ता तैयार करें जिसकी महक हमेशा साथ रहे। यह यात्रा बच्चों के लिए किताबी ज्ञान से परे एक 'जीवंत पाठशाला' है। यहाँ की यादों का गुलदस्ता ताउम्र आपके साथ रहेगा। कठुआ से शुरू होकर कश्मीर तक की यह यात्रा न केवल मनोरंजन है, बल्कि हमारी संस्कृति और गौरवशाली भूगोल से जुड़ने का एक बेहतरीन अवसर है।
शांति और सौंदर्य के संगम जम्मू के पर्यटन स्थल
जम्मू सिटी... मंदिरों का शहर: रघुनाथ मंदिर और बाहु फोर्ट के साथ-साथ 'तवी रिवर फ्रंट' का नया आकर्षण बरबस खींच लेने वाला है। तवी रिवर फ्रंट जहां पूरे जम्मू शहर को प्रकृति के रौद्र रूप होने पर ठाल का काम करता है वहीं सैर सपाटे के लिए भी मनोरम है।
भद्रवाह में ठंड से जमे प्राकृतिक जलस्रोत
कठुआ के प्रवेश द्वार लखनपुर की सुंदरता: बसोहली की पेंटिंग्स और रंजीत सागर बांध का विहंगम दृश्य। बच्चों के लिए यहां वॉटर स्पोर्ट्स जैसे रोमांच से भरपूर मौके हैं। यहां आप अपनी पर्यटन यात्रा को यादगार बना सकते हैं।
सांबा...किलों और विरासत की भूमि: मानसर और सुरिंसर झील की पौराणिकता और शांति। यहां की लोक कथाओं में मां की लोरी जैसा सुखद एहसास है। ये हमें एक ऐसे अदृश्य लोक का सैर कराती हैं जहां दुनिया के गमों का साया तक नहीं होता।
जम्मू संभाग के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पटनीटॉप
- फोटो : Chineni news
श्रीनगर में डल झील जमने के साथ विशेष आकर्षण का केंद्र बन गई है। पानी की जमी परत को देखता युवक।
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श्रीनगर में सर्द सुबह के समय कोहरे के बीच डल झील में सैर का आनंद लेते पर्यटक।
- फोटो : बासित जरगर
कश्मीर घाटी: स्वर्ग का साक्षात अनुभव
गुलमर्ग और पहलगाम: गुलमर्ग में दुनिया की सबसे ऊंची गोंडोला सवारी और पहलगाम में लिद्दर नदी के किनारे घुड़सवारी का अपना ही मजा है।
श्रीनगर: डल झील में शिकारे की सवारी और 'मुगल गार्डन' की स्थापत्य कला बच्चों को इतिहास और कुदरत दोनों से जोड़ती है।
खासियत: यहां का स्थानीय स्वाद 'वाजवान' और 'कहवा' पर्यटकों के अनुभव में चार चांद लगा देते हैं।