श्रीनगर के डाउन टाउन इलाके में सीआरपीएफ के हेड हेडक्वार्टर पर आतंकियों ने ग्रेनेड दागा। गनीमत रही कि ग्रेनेड नहीं फटा, जिस कारण कोई नुकसान नहीं हो पाया। जवानों ने इलाके को घेर कर तलाशी अभियान छेड़ दिया है।
सीआरपीएफ के प्रवक्ता राजेश यादव ने अमर उजाला को फोन पर बताया कि श्रीनगर के पुराने शहर के खयाम इलाके में होटल कहकशां में सीआरपीएफ की 161 बटालियन के हेडक्वार्टर पर शाम करीब पौने सात बजे आसपास की गलियों में से स्थानीय युवकों ने पत्थर बरसाने शुरू किए।
उन्होंने बताया कि इस बीच भीड़ का फायदा उठाते हुए आतंकियों ने हेडक्वार्टर की ओर ग्रेनेड दागा जो परिसर में आ गिरा। यादव के अनुसार ग्रेनेड आधा जल गया, लेकिन फटा नहीं। गौरतलब है कि इस घटना के तुरंत बाद पुलिस और सीआरपीएफ ने आस पास के इलाकों की घेराबंदी कर तलाशी अभियान छेड़ दिया है।
प्लास्टिक बुलेट्स से डरे अलगाववादी
कश्मीर में प्लास्टिक बुलेट्स के इस्तेमाल के केंद्र सरकार के फैसले से अलगाववादी डर गए हैं। हुर्रियत (एम) के अध्यक्ष मीरवाइज मोलवी उमर फारूक ने शुक्रवार को जामिया मस्जिद में नमाज पढ़ाने के बाद ट्वीट किया।
लिखा, बुलेट, टियरगैस शैल, पेलेट, पावा शैल बरसाने के बाद अब भारत सरकार द्वारा प्लास्टिक बुलेट्स के साथ एक्सपेरिमेंट का फैसला किया गया है। मीरवाइज की प्रतिक्रिया हाल ही में लोक सभा में हंस राज अहीर की ओर से दिए गए बयान के बाद सामने आई है जिसमें उन्होंने कहा कि सरकार अब जम्मू कश्मीर में कानून व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए कम घातक प्लास्टिक बुलेट के इस्तेमाल के लिए सोच रही है।