रियासत सरकार द्वारा कश्मीर घाटी में हिंसा रोकने के लिए 22 सोशल नेटवर्किंग साइटों पर प्रतिबंध लगा दिया गया, लेकिन इस प्रतिबंध के बाद भी घाटी के कई हिस्सों पर सोशल नेटवर्किंग की कई साइटें धड़ाधड़ खुल रही हैं।
जानकारी के मुताबिक घाटी के इंटरनेट यूजर्स ब्राडबैंड और टू जी मोबाइल नेटवर्क के सहारे इन बेवसाइटों को खोल रहे हैं। ऐसे में सरकार का हिंसा रोकने का प्लान फेल होता नजर आ रहा है।
वहीं एक प्राइवेट टेलीकॉम कंपनी के अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि उन्होंने राज्य सरकार को स्पष्ट कर दिया है कि वे पूर्णतया इन साइटों को प्रतिबंधित करने में असमर्थ हैं। सभी कंपनियों के उपभोक्ता वीपीएन के जरिए प्रतिबंधित साइटों को उपयोग कर रहे हैं।
गौरतलब है कि घाटी में कई वाट्सएप ग्रुप और अन्य सोशल नेटवर्किंग साइटों द्वारा पत्थरबाजों को इकट्टा किया जाता था, जिसके बाद से सरकार ने बुधवार को 22 सोशल नेटवर्किंग साइटों पर एक महीने के लिए रोक लगा दी।