जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में बुधवार सुबह एक बस हादसे का शिकार हो गई। इस घटना में 10 से अधिक यात्री घायल हुए हैं। जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। वहीं, हादसे में दो यात्रियों की मौत की खबर है।
जानकारी के अनुसार, यह बस पचौंड से रामनगर जा रही थी। इसी दौरान बसंतगढ़-रामनगर सड़क पर उधमपुर जिले के गुल्ली गाला में बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। चालक ने बस से नियंत्रण खो दिया जिसके कारण यात्रियों से भरी बस खाई में जा गिरी। घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।
उधमपुर के डिप्टी कमिश्नर (डीसी) अनंत द्विवेदी ने बताया, 'उधमपुर जिले के गाला पचौंड में एक यात्री बस के दुर्घटनाग्रस्त होने से कम से कम 10 लोग घायल हो गए हैं। घटना के तुरंत बाद बचाव और राहत कार्यों के लिए आपातकालीन राहत टीमें, उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) और चिकित्सा कर्मी मौके पर पहुंच गए।'
घटना के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने भी उधमपुर के डीसी अनंत द्विवेदी से बात की है और पीड़ित को हर संभव मुहैया करने को कहा है। वहीं, केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक्स पर बताया कि हादसे में दो यात्रियों की मौत हो गई है।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, 'दो लोगों की मौत की खबर है। 10 घायल लोग एसडीएच रामनगर पहुंच चुके हैं। इनमें से 3 को जीएमसी उधमपुर ले जाया जा रहा है। तीन और एम्बुलेंस जल्द ही एसडीएच रामनगर पहुंचने वाली हैं। इस बीच मैंने दिल्ली में बीआरओ अधिकारियों के साथ रामनगर से बसंतगढ़ तक सड़क निर्माण का मुद्दा उठाया है।'
इससे पहले केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा था, "बसंतगढ़-रामनगर सड़क पर बस दुर्घटना की खबर मिलने के बाद मैंने उधमपुर के डीसी अनंत द्विवेदी से बात की। स्थानीय लोगों की समय पर मदद से सभी यात्रियों को तुरंत बाहर निकाल लिया गया। इस बीच, बचाव दल मौके पर पहुंच गया।"
बता दें कि जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में सड़क हादसे में कम से कम चार लोग घायल हो गए। पिछले सप्ताह जिले के भल्ला इलाके में शेनाई के पास यह हादसा हुआ। बताया गया कि एक मिनी-बस डोडा से भदरवाह जा रही थी। इसी दौरान वह दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी जिलों (जैसे रामबन, डोडा, किश्तवाड़, उधमपुर और बड़गाम के कुछ हिस्सों) में सड़क हादसे मुश्किल भौगोलिक स्थिति, खराब मौसम और मानवीय या बुनियादी ढांचे से जुड़ी वजहों से होते हैं। खतरनाक इलाके, खराब सड़क बनावट, संकरी सड़कें, तीखे मोड़, खड़ी ढलान और कम दृश्यता के कारण पहाड़ी हाईवे और लिंक रोड पर गाड़ी चलाना मुश्किल हो जाता है।