जम्मू। जम्मू-कश्मीर में कोरोना संक्रमण का तेजी से प्रसार हो रहा है। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती समेत प्रदेश में सोमवार को 991 नए संक्रमित मामले मिले, जिसमें जम्मू संभाग से 499 केस हैं। प्रदेश में सक्रिय मामलों का आंकड़ा 7908 तक पहुंच गया है। जीएमसी जम्मू में सोमवार शाम को सुरनकोट पुंछ निवासी एक 40 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। उसे अन्य कई शारीरिक समस्याएं भी थीं।
जम्मू कश्मीर में आए कुल नए संक्रमित मामलों में से 299 यात्री हैं। श्रीनगर में सर्वाधिक 303 नए संक्रमित मामले मिले हैं, जिसमें 56 यात्री हैं। जिले में सक्रिय मामले बढ़कर 2833 तक पहुंच गए हैं। इस जिले में अब तक सबसे अधिक 480 लोगों की कोविड से मौत हो चुकी है। जम्मू में 181 नए मामले मिले हैं, चिंता की बात यह है कि इनमें 178 स्थानीय हैं, यानी स्थानीय स्तर पर संक्रमण का प्रसार बढ़ रहा है। सोमवार को जम्मू विश्वविद्यालय में 9, अर्बन हेल्थ सेंटर त्रिकुटा नगर में 13, रघुनाथ बाजार में 5, राजीव गांधी अस्पताल गंग्याल जम्मू में 12, यूपीएचसी तालाब तिल्लो में 3 संक्रमित मामले मिले।
जिले में अब तक 391 लोगों की कोविड से मौत हो चुकी है। उधमपुर में 160 नए मामले मिले हैं, जिसमें 157 यात्री हैं। इस जिले में अब तक 58 लोगों की कोविड से मौत हो चुकी है। कठुआ में 55 नए संक्रमित मामले मिले हैं, जिसमें 54 यात्री हैं। रियासी में 97 नए संक्रमित मामले मिले हैं। किश्तवाड़, पुंछ और डोडा में सोमवार को कोई नया संक्रमित मामला नहीं मिलने से राहत रही। अब तक प्रदेश में 2034 लोगों की कोविड से मौत हो चुकी है, जिसमें कश्मीर संभाग से 1282 मौतें हुई हैं।
दस जिलों में क्वारंटीन केंद्र बनाने के निर्देश
जम्मू संभाग के दस जिलों में प्रत्येक में एक-एक क्वारंटीन केंद्र बनाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी और जिला प्रशासन को दिशा निर्देश दिए गए हैं। नए संक्रमित मामलों में बड़ी संख्या में यात्रियों के शामिल होने से क्वारंटीन केंद्र बनाए जा रहे हैं। इन केंद्रों में श्रमिकों और बाहरी यात्रियों को रखने की योजना है।
अब तक यात्रियों को गांधीनगर के नए जच्चा बच्चा कोविड अस्पताल में रखा जा रहा है। दस जिलों में संबंधित जिला प्रशासनों की ओर से क्वारंटीन केंद्रों के लिए जगह देखी जा रही है, जिसमें जिलावार कोविड मामलों के मुताबिक बेड स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों में चिकित्सा देखभाल की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की होगी। पिछले कुछ माह पहले प्रदेश में संक्रमित मामलों में गिरावट के बाद सभी क्वारंटीन केंद्रों को बंद कर दिया गया था और होम आइसोलेशन की व्यवस्था शुरू की गई थी। लेकिन बाहर से आ रहे संक्रमित यात्रियों को आइसोलेट करने के लिए होम आइसोलेट की व्यवस्था नहीं की जा सकती है, जिसके लिए अलग से क्वारंटीन केंद्र बनाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य निदेशक डॉ. रेणु शर्मा ने बताया कि सभी दस जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को क्वारंटीन केंद्रों के लिए जरूरी चिकित्सा व्यवस्थाएं करने को कहा गया है।