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आग का तांडव : 800 कनाल गेहूं की फसल जली

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अरनिया। सीमावर्ती पंचायत चंगिया के गांवों के खेतों में मंगलवार को आग ने जमकर तांडव मनाया। खेतों में खड़ी 800 कनाल गेहूं की फसल आग की भेंट चढ़ गई। फसल में आग लगने की यह इस सीजन की सबसे बड़ी घटना है। इस हादसे में चार गांवों के करीब 75 किसानों पर जैसे वज्रपात हो गया। आग कैसे लगी इसका कुछ पता नहीं चल रहा है।
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दोपहर बाद करीब बारह बजे रख अरनिया के खेतों से आग की लपटने निकलने लगी, जिसने सबसे पहले कदोयाल गांव के खेतों को अपनी चपेट में लिया। आग का तांडव यहीं नहीं रुका और साथ लगते पिंडी के खेतों को भी चपेट लिया। कुछ ही देर में बेकाबू आग कोटली भागवाना के खेतों तक पहुंच कर किसानों पर कहर बरपाना शुरू किया।
घटना की सूचना मिलने पर अरनिया से पहुंची दमकल विभाग की टीम ने भी आग पर काबू पाना शुरू कर दिया। हालांकि बिश्नाह से मंगवाई गई गाड़ी पहले पहुंची चुकी थी। इसके बावजूद करीब दो घंटों की कड़ी मशक्कत से आग पर काबू पाया जा सका। पंचायत की सरपंच कुसुम लता व पूर्व सरपंच डॉ. रघुबीर सिंह ने इस पूरी घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि सभी पीड़ित किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
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वहीं देर शाम को कल्याना गांव में भी आग से खेतों में खड़ी फसल जलकर राख हो गई।

घटना से समय बिजली बंद थी तो आग लगी कैसे
जिस समय खेतों में आग लगी, उस समय बिजली बंद थी। जब बिजली के तारों की चिंगारी से आग नहीं लगी तो आखिर आग लगी कैसे, यह चर्चा का विषय बना हुआ है। किसानों ने इस घटना की जांच की मांग भी की है। इस आग ने सबसे अधिक कहर कदोयाल गांव में बरपाया। कुल 45 घरों के गांवों में मात्र पांच घरों के खेत ही चपेट में आने बच पाए। आग ने करीब डेढ़ किलोमीटर के दायरे की फसल को राख बना डाला।
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म म म म
सर--खवर सम्बन्धी दो फोटो भेज दिए है।
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