जम्मू। डीजीपी डा. एसपी वैद ने रसाना कांड मामले में कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कहा कि किसी भी सूरत में आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा। दुष्कर्म का शिकार हुए नाबालिग के परिवार के सदस्यों व गवाहों को सुरक्षा प्रदान की जाएगी। साथ ही डीजीपी ने क्राइम ब्रांच की जांच सही ठहराया और निष्पक्षता की बात कही। उन्होंने कहा कि क्राइम ब्रांच में पुलिस के ही अधिकारी होते हैं। यही अधिकारी आतंकवाद से भी लड़ रहे हैं। उनकी विश्वसनीयता पर सवाल नहीं उठाए जा सकता है। जो लोग सीबीआई की मांग कर रहे हैं। वह ऐसा क्यों कर रहे हैं। यह उनसे पूछा जाए।
रसाना मामले में डीजीपी ने कहा कि पुलिस विभाग ने जांच के बाद अपने ही अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की है, जो इस कांड में शामिल थे। दो एसपीओ को हिरासत में लिया गया है। कोर्ट में चालान पेश कर दिया गया है। कठुआ में सरकार के दो मंत्रियों ने आरोपियों के समर्थन में बयान के सवाल पर जवाब देने से डीजीपी ने इंकार कर दिया। उल्लेखनीय है कि दस जनवरी को नाबालिग घर से अगवा हुई और उससे दुष्कर्म किया गया। बकरवाल समुदाय की लड़की से बलात्कार के आरोप में आठ लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है।
पीपी करेंगे केस की कमियों को दूर
जम्मू। रसाना कांड में सरकार द्वारा दो पब्लिक प्रोेसिक्यूटर (पीपी) नियुक्त करने की मंशा जांच के कानूनी बारीकियों और पहलुओं में कमी को दूर करना है। डीजीपी डा. एसपी वैद के अनुसार दोेनों प्रोसिक्यूटर आफिसर की साफ छवि है। जम्मू और सांबा के चीफ प्रोसिक्यूटिंग आफिसर भूपेंद्र सिंह और हरिंद्र सिंह को जांच टीम के साथ नियुक्त किया गया है। दोनों कोर्ट में क्राइम की जांच का पक्ष रखेंगे। बार एसोसिएशन के प्रधान भूपेंद्र सिंह सलाथिया के अनुसार दोनों अधिकारी निष्ठावान हैं। लेकिन उनका सवाल क्राइम ब्रांच की जांच से है, जो निष्पक्ष तरीके से नहीं हुई। सीबीआई ही निष्पक्ष जांच कर सकती है।