कठुआ। पुलिस ने एक वाहन में बेहोश कर ले जाए जा रहे मवेशियों को शुक्रवार को पुलिस ने पशु तस्करों के चंगुल से छुड़ाया, हालांकि हर बार की तरह इस बार भी पशु तस्कर पुलिस के चंगुल से बच निकले। पशु तस्करी के लिए इस्तेमाल की जा रही छोटी गाड़ी इनोवा को पुलिस ने जब्त कर लिया है।
ऐसा लगता है कि पशु तस्करी में पशु तस्कर फिर से पुराने हथकंडे इस्तेमाल करने लगे हैं। इसके लिए वे एक बार फिर छोटे वाहनों में पशुओं को डालकर तस्करी कर रहे हैं। शुक्रवार को पुलिस द्वारा गूंद इलाके में इनोवा वाहन से दो पशुओं को मुक्त करवाया। चालक अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भागने में कामयाब रहा। पुलिस के अनुसार मुक्त करवाए गए मवेशियों को इनोवा वाहन की सीटों के साथ बांधकर बेहोश किया गया था। पुलिस ने वाहन को कब्जे में लाकर आरपीसी की धारा 188 के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि बीते साल भी छोटे वाहनों में पशु तस्करी के संभावित प्रयासों को बड़ा खुलासा हुआ था। जब जम्मू बस स्टैंड से लगातार तीन दिन तक कुछ लोगों द्वारा किराए पर वाहन लेकर उन्हें सांबा, कठुआ के इलाकों में लाकर चालकों को उतार दिया जाता था जिसके बाद अगले दिन मिलने वाले इन वाहनों में पशुओं की तस्करी के सुबूत भी पुलिस को हासिल हुए थे। ऐसे मामलों ने पुलिस में भी हड़कंप मचा दिया था और इलाके में हाई अलर्ट जारी कर मामले सुलझाने की कोशिश की गई।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कश्मीर तक ले जाए जाने वाले पंजाब से तस्करी कर लाए पशुओं को तस्करों के लिए कठुआ और सांबा को पार करना जरूरी होता है। ऐसे में तस्करी के लिए नेशनल हाईवे से लेकर ग्रामीण इलाकों के रूट भी रोजाना इस्तेमाल होते हैं। सोची समझी रणनीति के तहत तस्कर एक वाहन को पुलिस के सामने छोड़कर ध्यान भटकाने की कोशिश करते हैं, जबकि अन्य रूटों से मिशन को पूरा कर रोजाना बड़ी तादाद में पशुओं को पंजाब से जम्मू कश्मीर में तस्करी करने का बेखौफ धंधा जारी है। इसमें समय समय पर कुछ स्थानीय लोगों की मिलीभगत भी सामने आती रही है।