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आतंकी-अलगाववादियों को कश्मीरी युवाओं का मुंहतोड़ जवाब

Mon, 01 Aug 2016 03:59 PM IST
अमित वर्मा, अमर उजाला/जम्मू
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परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थ‌ियों से बात करतीं महबूबा मुफ्ती - फोटो : Amar Ujala
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कर्फ्यू, आतंकियों की धमकी और कभी भी अनहोनी की आशंका के बावजूद एमबीबीएस और बीडीएस के नीट (नेशनल एलिजिबिलटी एवं एंट्रेंस टेस्ट) और सीईटी (कामन एंट्रेंस टेस्ट) में 90 फीसदी से ज्यादा हाजिरी देकर कश्मीर के युवाओं ने साफ कर दिया है कि उन्हें पत्थर नहीं कॅरियर की जरूरत है।
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इनके ज़ज्बे और हौसले ने आतंकियों के मुंह पर करारा तमाचा मारा है। इन परीक्षाओं में बड़ी तादाद में लड़कियों ने भी हिस्सा लेकर उन्हें धमकाने और बीमार मानसिकता वाले फरमान जारी करने वालों को मुंहतोड़ जवाब दिया है।। जाहिर है कि ये युवा अपनी कलम से कश्मीर का भविष्य लिखने को लालायित हैं। 

रविवार को रियासत में सरकारी कोटे के लिए बोर्ड आफ प्रोफेशनल एंट्रेंस एग्जामिनेशन (बीओपीईई) की ओर से एमबीबीएस और बीडीएस के लिए करवाए गए सीईटी में अलगाववादियों के  बंद को ठेंगा दिखाकर घाटी के 10 हजार 803 युवा शामिल हुए। यह संख्या कुल 11881 उम्मीदवारों की 91 प्रतिशत है।
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महबूबा ने अभिभावकों को किया सलाम

परीक्षा केंद्र पर सीएम महबूबा - फोटो : Amar Ujala
जम्मू संभाग में भी कुल 6056 उम्मीदवारों में से 91 फीसदी यानी 5512 परीक्षार्थी परीक्षा में बैठे। इसी प्रकार पिछले रविवार 24 जुलाई को राज्य में एमबीबीएस और बीडीएस की मैनेजमेंट कोटे के लिए हुए नीट में कश्मीर में खराब हालात के बीच भी कुल 1740 उम्मीदवारों में से 93 फीसदी यानी 1621 उम्मीदवार परीक्षा में बैठे।

सीबीएसई की ओर से देशभर में करवाई गई इस परीक्षा के तहत राज्य में ओवरआल 87.74 फीसदी विद्यार्थी परीक्षा में बैठे। जम्मू में कुल 3101 उम्मीदवारों में से 82 फीसदी यानी 2553 उम्मीदवार परीक्षा में बैठे। दोनों परीक्षाओं में जम्मू के मुकाबले घाटी के युवाओं ने ज्यादा उत्साह दिखाया। बोर्ड चेयरमैन जीएच तांत्रे का कहना है कि मौजूदा हालात में यह चौंका देने वाले आंकड़े हैं। 

नीट और सीईटी में शामिल होने वाले युवाओं की तादाद पर महबूबा ने कहा अभिभावकों की प्रतिबद्धता तारीफ के काबिल है। हिंसक माहौल की तमाम दुश्वारियों के बावजूद 91 फीसदी विद्यार्थी परीक्षा केंद्रों तक पहुंचे। इसके लिए सरकारी इंतजाम तो थे ही अभिभावकों ने भी अहम भूमिका अदा की।
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