परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों से बात करतीं महबूबा मुफ्ती
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कर्फ्यू, आतंकियों की धमकी और कभी भी अनहोनी की आशंका के बावजूद एमबीबीएस और बीडीएस के नीट (नेशनल एलिजिबिलटी एवं एंट्रेंस टेस्ट) और सीईटी (कामन एंट्रेंस टेस्ट) में 90 फीसदी से ज्यादा हाजिरी देकर कश्मीर के युवाओं ने साफ कर दिया है कि उन्हें पत्थर नहीं कॅरियर की जरूरत है।
इनके ज़ज्बे और हौसले ने आतंकियों के मुंह पर करारा तमाचा मारा है। इन परीक्षाओं में बड़ी तादाद में लड़कियों ने भी हिस्सा लेकर उन्हें धमकाने और बीमार मानसिकता वाले फरमान जारी करने वालों को मुंहतोड़ जवाब दिया है।। जाहिर है कि ये युवा अपनी कलम से कश्मीर का भविष्य लिखने को लालायित हैं।
रविवार को रियासत में सरकारी कोटे के लिए बोर्ड आफ प्रोफेशनल एंट्रेंस एग्जामिनेशन (बीओपीईई) की ओर से एमबीबीएस और बीडीएस के लिए करवाए गए सीईटी में अलगाववादियों के बंद को ठेंगा दिखाकर घाटी के 10 हजार 803 युवा शामिल हुए। यह संख्या कुल 11881 उम्मीदवारों की 91 प्रतिशत है।