किश्तवाड़। मिनी सचिवालय में तोड़फोड़ और राज्यपाल का पुतला फूंकने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस मामले में पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। इसके विरोध में सनातन धर्म सभा के कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी दी। शाम तक थाने में गहमागहमी रही।
शनिवार को आरएसएस नेता व परिहार बंधुओं के हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सनातन धर्म सभा ने मिनी सचिवालय में धरना-प्रदर्शन करते हुए राज्यपाल का पुतला फूंका था। इस मौके गुस्साए लोगों ने डीसी कार्यालय के शीशे शीशे जो तोड़ दिए थे। इसके बाद जमकर बवाल मच गया था। पुलिस ने इस घटना को देखते हुए दो युवकों को गिरफ्तार किया है। एक युवक की मां पुलिस में कार्यरत है। इसकी जानकारी मिलने पर रविवार को सनातन धर्म सभा की बैठक हुई। इसके बाद पदाधिकारियों ने तय किया कि वह कार्रवाई के विरोध में गिरफ्तारी देंगे। इसके बाद सभा के प्रधान हंस राज भूतियाल, पूर्व मंत्री सुनील कुमार शर्मा, भाजपा नेता बृज मोहन शर्मा, राजेंद्र सिंह, जिला प्रधान प्रदीप कुमार परिहार, महासचिव ललित शर्मा, दच्छन ब्लाक प्रधान रवि कुमार, एसटी मोर्चा प्रधान गुलाब चंद, विनोद कुमार ने थाने मं पहुंचकर गिरफ्तारी दी। इसके बाद शहर का माहौल गरमा गया। दोपहर बाद बड़ी संख्या में लोग थाने पहुंचे। सूत्रों के अनुसार जिनकी गिरफ्तारी हुई है उनमें संजय कुमार निवासी सलामकनी तथा आदर्श कुमार कोतवाल निवासी कोतवाल मोहल्ला शामिल है। दोनों के परिजनों का कहना है कि वह निर्दोष हैं।
गिरफ्तारी के लिए पुलिस पर बनाया जा रहा दबाव
सभा से जुड़े लोगों ने आरोप लगाया है कि पुलिस पर लोगों को गिरफ्तार करने का दबाव बनाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस घटना का स्वयं राज्यपाल ने संज्ञान लिया है। रविवार सुबह के समय शहर में उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई थी, जब लोगों को पता चला कि पुलिस युवकों को गिरफ्तार कर रही है। इसके बाद वह फिर से प्रदर्शन को तैयार हो गए थे। सभा के पदाधिकारियों ने जब गिरफ्तारी देने शुरू की तो तनाव फिर बढ़ गया। लोगों में जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि पिछले 6 माह में 4 लोगों की निर्मम हत्याएं और जिला उपायुक्त के अंगरक्षक से सर्विस रायफल छीनने की घटनाए हुई। उनके आरोपियों को पकड़ने में पुलिस असफल साबित हुई है। स्थानीय लोगों ने कार्रवाई न होने पर फिर बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी है।