जम्मू। रियासत में वर्ष 2015 के बाद से पब्लिक सर्विस कमीशन (पीएससी) के तहत हुई नियुक्तियों की सीबीआई जांच की मांग पर हाईकोर्ट ने कमीशन के चेयरमैन और अन्य को नोटिस जारी किया है। एक हफ्ते के भीतर अपना पक्ष रखने को कहा है। हाईकोर्ट में जम्मू प्रोविंस पीपुल्स फोरम की तरफ से इसे लेकर जनहित याचिका दायर की थी।
फोरम ने इन नियुक्तियों को लेकर सीबीआई की जांच कराने के लिए कहा था। इसमें कहा गया कि नियुक्तियों में बड़े स्तर पर घोटाला हुआ है। जो लोग नियुक्त होने थे, उनको बाहर कर दिया। अयोग्य उम्मीदवारों को नियुक्त किया गया। जस्टिस धीरज सिंह ठाकुर और सिंधु गुप्ता वाली खंडपीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह सब कहा। कमीशन के चेयरमैन लतीफ उल जमन, तब रहे सचिच शकील उल रहमान, तब रहे सदस्य ताछी डोरजे, लाल चंद, अली असगर चौधरी, पोष चाढ़क, मुश्ताक अहमद लोन ओर हकीम लोन को नोटिस जारी किया गया है। याचिका में कहा गया है कि नियुक्तियों में जम्मू संभाग को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया। कश्मीर संभाग को प्राथमिकता दी गई। कश्मीर के अयोग्य उम्मीदवारों की भी नियुक्ति हुई और जम्मू के योग्य उम्मीदवारों के सूचियों में नाम नहीं आए। सिर्फ छह महीने के लिए दो रिटायर अधिकारियों मुश्ताक अहमद और मुश्ताक गुलाम को कंस्लटेंट के तौर पर नियुक्त किया गया। लेकिन यह लोग स्थायी रूप से कमीशन में रहे और मनचाहे ढंग से नियुक्तियां की। सभी दलीलें सुनने के बाद खंडपीठ ने उक्त अधिकारियों से एक हफ्ते के भीतर जवाब मांगा है।