जम्मू। भ्रष्टाचार निरोधक विशेष अदालत श्रीनगर ने बैंक कर्मी अब्दुल खालिक भट्ट को जाम खाते में जमा कराए रुपयों से हेराफेरी करने के आरोप में दो साल कैद और 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
सीबीआई केस अनुसार अब्दुल खालिक कामराज रुरल बैंक की बारामुला ब्रांच में काम करने के दौरान एक खाताधारक से राशि पाई और जमा नहीं कराया। खाताधारक को स्लीप भी मोहर लगाकर प्रदान की गई। कर्मी ने बैंक की किताबों में इसकी कोई एंट्री नहीं की। आरोपी ने 11000, 4500, 5500 रुपये वर्ष 2007-8 में हासिल किए। तीनों रुपये 26 अक्तूबर 2007, 11 मार्च 2008 और 13 जून 2008 को पाए। सीबीआई ने केस दर्ज करके कोर्ट में चालान पेश किया।
दोनों पक्षों की दलीलों के बाद न्यायाधीश वाईपी कोतवाल ने पाया कि दस्तावेजों और गवाहों के बयान आरोप को साबित करते हैं। पिछले साढ़े आठ सालों से वह कोर्ट का ट्रायल भुगत रहा है। अब उसकी उम्र 65 वर्ष हो गई है। इसकी रियायत देकर आरोपी को दो साल की सामान्य सजा सुनाई गई और सेंट्रल जेल भेजने के आदेश दिए।