उधमपुर/पंचैरी। पंचैरी तहसील के पुरानी भुत्ती गांव निवासी खजूरिया दंपति के मर्डर का एक दशक पूरा हो गया, लेकिन इस डबल मर्डर की गुत्थी आज भी पुलिस के लिए पहेली बनी हुई है। हत्यारे आजाद घूम रहे हैं। पुलिस की इस विफलता पर खजूरिया दंपति के दोनों बेटों का दर्द छलक पड़ा। उसने कहा कि हम नहीं चाहते कि कभी लोहड़ी आए। हर साल इस त्योहार पर लोहड़ी के साथ हमारी खुशियां जलती हैं। मां-बाप का साया छीनने वाला आज भी आजाद घूम रहा है। हालांकि पुलिस का दावा है कि बहुत जल्द इस गुत्थी को सुलझा दिया जाएगा।
गौरतलब है कि 13 जनवरी 2008 की रात को अशोक खजूरिया और प्रमीला खजूरिया की उनके अपने घर में कुल्हाड़ी से किसी ने निर्मम हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले को सुलझाने का हरसंभव प्रयास किया था, लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली। दस वर्ष की जांच में पुलिस ने 200 से ज्यादा लोगों की फिंगर प्रिंट टेस्ट, पांच लोगों के लाइव डिटेक्टर टेस्ट और तीन लोगों के नार्को टेस्ट किए। फिर भी खजूरिया दंपति के बेटों को न्याय नहीं मिला है।
दंपति के पुत्र संदीप खजूरिया और दीपक खजूरिया ने बताया कि दस वर्ष इसी उम्मीद में गुजार दिए कि आज नहीं तो कल उनके माता-पिता के कातिल को कड़ी सजा जरूर मिलेगी। लेकिन अब यह उम्मीद सपना बन गई है। दस वर्ष में कई जांच कमेटियों बनी। कितने पुलिस अधिकारी बदल गए, लेकिन मेरे माता-पिता का प्यार छीनने वाले हत्यारे लोहड़ी का जश्न मना रहे हैं।
जन पर शक जताया, उनसे पूछताछ तक नहीं
खजूरिया दंपति के बेटों ने बताया कि जिन लोगों पर हमें हत्या का शक था, जांच के दौरान पुलिस के सामने उनके नाम रखे थे। लेकिन आज तक पुलिस ने उन लोगों से पूछताछ तक नहीं की है। पुलिस की कार्यप्रणाली को देख कर लगता है कि पुलिस इस मामले को सुलझाना ही नहीं चाहती है। इसके लिए हाईकोर्ट में भी अपील की है।
दो महीने के अंदर सुलझ जाएगी गुत्थी
मौजूदा समय की जांच के बारे में अभी नहीं बताया जा सकता है, लेकिन उम्मीद है कि दो महीने के अंदर मामले की गुत्थी को सुलझा दिया जाएगा। हालांकि 2017 में ही मामले को सुलझाने का लक्ष्य निर्धारित किया था, लेकिन कुछ अड़चनों के कारण यह संभव नहीं हो पाया। लेकिन अब दो महीने से ज्यादा वक्त नहीं लगेगा
रईस मोहम्मद भट, एसएसपी, उधमपुर