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एम्स विवाद: 72 घंटे का जम्मू बंद 19 से

Wed, 17 Jun 2015 12:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
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आल इंडिया इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) को जम्मू से शिफ्ट किए जाने के विरोध में अब 72 घंटे के जम्मू बंद का आह्वान किया गया है। एम्स मुद्दे पर शुरू हुई भूख हड़ताल पांचवें दिन प्रवेश कर जाने के बावजूद सरकार की ओर से कोई रिस्पांस न आने पर एम्स कोआर्डिनेशन कमेटी ने 19 से 21 जून तक जम्मू बंद का फैसला लिया। कमेटी के सदस्यों का मानना है कि सत्ताधारी भाजपा-पीडीपी सरकार की आंखें नहीं खुल सकती, इसलिए कड़े संघर्ष का फैसला लिया गया है।
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कमेटी ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो अनिश्चितकालीन जम्मू बंद किया जाएगा। प्रेस क्लब में कोआर्डिनेशन कमेटी की हुई बैठक के बाद चेयरमैन अभिनव शर्मा ने कहा कि सरकार की अनदेखी अब बर्दाश्त योग्य नहीं है। जम्मू के लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए कमेटी को कड़ा फैसला लेने को मजबूर होना पड़ा है। भूख हड़ताल के पांचवें दिन कमेटी ने सरकार का पुतला फूंक विरोध जताया। इससे कुछ समय तक तवी पुल के मंदिर-मस्जिद प्वाइंट पर भारी जाम लग गया।

बैठक में एक जनसंपर्क कमेटी का गठन भी किया गया, जो संभाग के तमाम जिला हेडक्वार्टरों में एम्स मुद्दे पर लोगों को लामबंद करेंगे। कमेटी में बार एसोसिएशन के पूर्व प्रेसीडेंट बीएस सलाथिया, चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रेसीडेंट राकेश गुप्ता, पैसेंजर ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन त्रिलोचन सिंह वजीर, आयल टैंकर एंड पंप आनर एसोसिएशन के प्रेसीडेंट आनन शर्मा, अमर क्षत्रिय राजपूत सभा के प्रेसीडेंट नारायण सिंह और जम्मू प्रेस क्लब के जनरल सेक्रेटरी जोरावर सिंह जम्वाल को शामिल किया गया है।
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कमेटी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में सरकार के शासन चलाने के ढंग से संभाग के लोग परेशान हो चुके हैं। सरकार कश्मीर केंद्रित और जम्मू विरोधी है। जिस पार्टी को जम्मू की जनता ने जनादेश देकर सत्ता तक पहुंचाया, वह आज निर्लज्जता के साथ लोगोें से धोखाधड़ी कर रही है। इससे पहले की किसी भी सरकार ने जम्मू के लोगोें के साथ इस तरह व्यवहार नहीं किया। उन्होंने कहा कि यदि अब भी सरकार नहीं चेती तो आने वाले समय में बड़े आंदोलन का सामना करना पड़ेगा और वैसी परिस्थितियों के लिए गठबंधन सरकार जिम्मेदार होगी।
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