आरईटी शिक्षकों को मिला रामनगर विधायक का समर्थन
सातवें आयोग का लाभ देने, वेतन डी लिंक करने की मांग को बताया जायज
अमर उजाला ब्यूूरो
उधमपुर। सातवें वेतन आयोग का लाभ देने की मांग को लेकर आरईटी शिक्षकों की क्रमिक भूख हड़ताल शनिवार को छठे दिन भी जारी रही। इस दौरान शिक्षकों ने शहीद भगत सिंह पार्क में जमकर नारेबाजी की। वहीं दोपहर के समय रामनगर के विधायक आरएस पठानिया पहुंचे। उन्होंने भूख हड़ताल का समर्थन किया। विधायक ने कहा कि शिक्षकों की सभी मांगें जायज हैं और इसका हल निकालना चाहिए।
विधायक आरएस पठानिया कुछ समय के लिए आरईटी शिक्षकों के साथ पार्क में बैठे रहे। वहीं उन्होंने आरईटी शिक्षकों से कहा कि सातवें आयोग को लागू करने व वेतन को डी लिंक करने की मांग को हर हाल में पूरा किया जाना चाहिए। आरईटी शिक्षकों की सभी मांगे पूरी तरह से जायज है। 2017 में विधानसभा में पूर्व वित्त मंत्री ने एलान किया था कि आरईटी शिक्षक, रमसा, एनएचएम के कर्मचारियों को सरकार समय पर वेतन जारी करेगी, लेकिन कभी इस एलान पर काम नहीं किया गया और आज भी इन कर्मचारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसके अलावा आरईटी शिक्षकों को सातवें वेतन आयोग का भी लाभ मिलना चाहिए था। उनकी राज्यपाल से अपील है कि आरईटी शिक्षकों की सभी मागों को जल्द से जल्द पूरा कर राहत प्रदान की जाए। आरईटी शिक्षकों ने कहा कि सरकारी स्कूलों के स्तर को बढ़ाने में आरईटी शिक्षकों ने दिन रात कड़ी मेहनत की है। करीब 15 वर्ष पहले दूर दराज ग्रामीण इलाकों में बंद पड़े स्कूलों को खोलने में आरईटी शिक्षकों ने अहम भूमिका निभाई। आज तक यह स्कूल चल रहे हैं। शिक्षा विभाग अन्य शिक्षकों की तरह ही आरईटी शिक्षकों से काम करवा रहा है, लेकिन इसके बावजूद उनको सातवें वेतन आयोग के लाभ से वंचित रखा जा रहा है। आरईटी शिक्षक इस भेदभाव को किसी कीमत पर भी सहन नहीं करेंगे। जब तक मांगों को पूरा नहीं किया जाता है आंदोलन इसी तरह से जारी रहेगा।