उधमपुर। बिना जत्थे के जा रहे अमरनाथ यात्रियों ने बालियां इलाके में रोके जाने पर राजमार्ग बंद कर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। श्रद्धालुओं का कहना था कि सभी पूरी तैयारी के साथ भोले के दर्शन के लिए निकले हैं, लेकिन पुलिस उन्हें आगे नहीं जाने दे रही। बाद में तहसीलदार व डीएसपी हेडक्वार्टर ने श्रद्धालुओं को शांत कराया। इस दौरान एक घंटे तक आवागमन प्रभावित रहा।
इस बार अमरनाथ यात्रियों के वाहनों को उधमपुर की सीमा से होकर गुजरने का समय दोपहर 12 बजे तक रखा गया है। दोपहर 12 बजे तक उधमपुर की सीमा में पहुंचने वाले बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए आगे बढ़ सकते हैं, लेकिन कोई वाहन दोपहर 12 बजे के बाद आता है तो उसे आगे नहीं जाने दिया जाएगा। बुधवार को पहले जत्थे के गुजरने के बाद दोपहर करीब तीन बजे अमरनाथ यात्रियों के करीब 20 वाहन बालियां इलाके में पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। पुलिस ने अमरनाथ यात्रियों को बताया कि 12 बजे के बाद किसी को भी आगे नहीं भेेजा जाएगा, लेकिन अमरनाथ यात्री मानने को तैयार नहीं हुए। उन्होंने राजमार्ग को बंद कर पुलिस व प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के शुरू होते ही राजमार्ग के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। जानकारी मिलने पर डीएसपी हेडक्वार्टर व तहसीलदार उधमपुर मौके पर पहुंच गए और यात्रियों समझाने लगे।
दर्शन के लिए जाना चाहते थे पहले जत्थे के साथ
यात्रियों का कहना था कि सभी पहले जत्थे के साथ बाबा बर्फानी के दर्शन करने के लिए निकले हैं और उनके लिए आगे जाना जरूरी है। इसलिए आगे बढ़ने की अनुमति दी जाए। दोनों अधिकारियों ने यात्रियों को बताया कि नए आदेश के मुताबिक कोई भी 12 बजे के बाद आगे नहीं जा सकता है। यह निर्णय यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। उन्होंने कहा कि सभी यात्री टिकरी चले जाएं, जहां लंगर में रात को रुकने के साथ खाने-पीने की व्यवस्था है। सुबह जत्थे के साथ सभी को रवाना कर दिया जाएगा। अधिकारियों के समझाने के बाद सभी शांत हुए और टिकरी की तरफ रवाना हो गए।