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हेरोइन के जाल में फंस रहे जम्मू के युवा...

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ड्रग्स - फोटो : amar ujala
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जम्मू। हेरोइन के महंगे नशे के जाल में जम्मू के युवा फंस रहे हैं। नशे की लत को पूरा करने के लिए ग्रुप सिस्टम का सहारा लिया जा रहा है। पैसे के खिंचाव से पाश कालोनियों में नशे का यह शौक बढ़ा है। इसमें 18-25 वर्ष आयु वर्ग के युवा प्रभावित हैं।
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ऐसे नशे के बाद असुरक्षित यौन संबंध बनाने से युवाओं में एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी, सी आदि संक्रमित बीमारियों का खतरा बढ़ा है। नशे के इस खेल में युवतियां भी शामिल हैं। नशे के स्वाद को पूरा करने के लिए अपराध को अपनाया जा रहा है। साइक्रेटरी अस्पताल जम्मू के ओपियड सब्सिट्यूट थेरेपी (ओएसटी) सेंटर में हेरोइन सहित अन्य दूसरे नशों से पीड़ित होकर पहुंचने वालों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।
अस्पताल के ओएसटी सेंटर में वर्ष 2013 से 2015 तक 250 नशे के पीड़ितों के मामले पंजीकृत हुए थे, लेकिन वर्ष 2016 के बाद अब तक 542 मामले पंजीकृत हो चुके हैं। इनमें ज्यादातर मामले हेरोइन के हैं। समाज में तेजी से फैल रहे इस नशे से 20-30 फीसदी पीड़ित ही अस्पताल तक पहुंच रहे हैं। जबकि एक बड़ी संख्या जागरूकता के अभाव में मौत को गले लगा रही है। अस्पताल के अलावा निजी क्लीनिकों में बड़ी संख्या में ऐसे मामले दर्ज हो रहे हैं। हेरोइन के नशे की लत को पूरा करने के लिए पानी के साथ ड्रग्स मिलाकर इंजेक्शन से शरीर में डाल दिया जाता है।
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साइक्रेटरी अस्पताल के वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. जगदीश थापा के अनुसार हेरोइन नशे के महंगे शौक में पहले यह ड्रग्स रोजाना तीन-चार हजार में रुपये में ली जाती है, लेकिन धीरे-धीरे डोज बढ़ने पर इसकी कीमत मोटी हो जाती है। इस ड्रग्स को लेने से अमूमन ऐसे नशेड़ियों में फेफड़ों में इंफेक्शन रहती है। डोज न लेने पर शरीर में जबरदस्त दर्द, शरीर का टूटना, नाक और मुंह से पानी चलना, कमजोरी महसूस करना आदि समस्या होती है।
ओएसटी सेंटर की मेडिकल आफिसर डॉ. चारू बाली के अनुसार सेंटर में रोजाना 100-150 मरीज पहुंचते हैं। पीड़ितों को वैकल्पिक थेरेपी में बीमारी के हिसाब से ब्यूपरीनारफीन टेबलेट की डोज दी जाती है। पिछले कुछ समय से हेरोइन के मामलों में बढ़ोतरी हुई है।
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लक्षण
-बाथरूम में सिरिंज अन्य नशे की दवाइयों का मिलना
- देरी से उठना, चिड़चिड़ापन बढ़ना
-पीड़ित का परिवार से दूरी बनाना
- खाना कम खाना, व्यवहार में बदलाव आना

बचाव
- अभिभावक बच्चों की गतिविधियों पर नियमित ध्यान दें
-नशीली चीजों की मांग को गंभीरता से लें
-बिना वजह पैसे की मांग पर ध्यान दें
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