श्रीनगर। डल झील में आयोजित हो रहे जश्न-ए-डल के 26वें संस्करण में 20 स्पर्धाओं में करीब 700 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। शनिवार को इसका शुभारंभ किया गया। इसके बारे में बताते हुए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आनंद जैन ने कहा कि जश्न-ए-डल केवल जल क्रीड़ा ही नहीं है, बल्कि यह लोगों को जोड़ने, युवाओं को प्रेरित करने और पुलिस-पब्लिक संबंधों को मज़बूत करने का एक मंच भी है।
उन्होंने कहा कि यह पहल 1999 में शुरू हुई थी और अब यह एक वार्षिक आयोजन बन गया है। इस साल प्रतियोगिताओं में ड्रैगन बोट को शामिल किया जा रहा है। 700 से ज़्यादा प्रतिभागी 20 खेलों में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं, जिनमें से कई एशियाई खेलों, ओलंपिक और राष्ट्रीय स्तर पर खेले जाते हैं। इस आयोजन में भाग ले रहे युवा एथलीटों में से कुछ 8 और 9 साल के भी हैं। मुझे उम्मीद है कि ये बच्चे पेशेवर रूप से खेलों को अपनाएंगे और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान हासिल करेंगे।
एडीजीपी ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा देने की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि अक्तूबर के पहले सप्ताह में श्रीनगर में अखिल भारतीय क्लस्टर जूडो चैंपियनशिप आयोजित की जाएगी, जिसमें देश भर से लगभग 3,000 एथलीट भाग लेंगे।
जल क्रीड़ाओं के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, जैन ने कहा कि एथलीटों को राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने में मदद करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने कहा, इस तरह के आयोजन एक सेतु का काम करते हैं, एक तटस्थ स्थान बनाते हैं जहाँ सभी जुड़ते हैं। इससे पुलिस और जनता के बीच संबंध मजबूत होते हैं।