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जम्मू-कश्मीर: अमित शाह के दौरे का हुआ असर, गांवों के स्कूलों और पीएचसी पर खर्च होंगे 700 करोड़

Fri, 12 Jul 2019 01:36 AM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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गृहमंत्री अमित शाह और राज्यपाल सत्यपाल मलिक - फोटो : फाइल, अमर उजाला
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जम्मू-कश्मीर के गांवों में विकास कार्य की गति बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से जारी 700 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। इस धन को 4483 पंचायतों में गांवों की जनसंख्या के हिसाब से शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ स्वच्छता कार्यक्रमों में प्राथमिकता के आधार पर खर्च किया जाएगा। अनुमान के मुताबिक 500 की आबादी वाले गांवों को इन कार्यों के लिए करीब एक-एक लाख रुपये दिए जाएंगे।

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पहली किस्त में मिले धन से प्राथमिक स्कूलों के साथ ही डिस्पेंसरी या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मरम्मत के कार्य के अलावा गलियों और नालियों की सफाई और मरम्मत की जाएगी। इसे ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करा कर सरकार के प्रति विश्वास बहाली की कोशिश माना जा रहा है।  

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नौ जुलाई को घोषणा की थी कि रियासत की ग्राम पंचायतों के लिए 3700 करोड़ रुपये का पैकेज दिया गया है। 700 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी करने के बाद 1500-1500 करोड़ की राशि दो बार में दी जाएगी। रियासत की ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग की प्रशासनिक सचिव शीतल नंदा ने धन मिलने की पुष्टि कर दी है। 
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दरअसल, केंद्र सरकार आतंकवाद के खिलाफ जीरो टालरेंस की नीति के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में विकास को गति देना चाह रही है। इस एजेंडे पर आगे बढ़ने के लिए शाह 27 जून को रियासत के अपने पहले दौरे में पंचों-सरपंचों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान स्पष्ट कर दिया था। 

शाह के दौरे के बाद से राज्य में पंचायतों के सशक्तिकरण और सरपंचों-पंचों के अधिकार बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार की तरफ से लगातार पहल कर रही है। रियासत में थ्री टियर पंचायतराज सिस्टम लागू करने के तहत मुख्य चुनाव अधिकारी शैलेंद्र कुमार को चिट्ठी भी भेजी गई है। 

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बाकी 1057 पंचायतों में भी कराए जाएं चुनाव
ऑल जम्मू कश्मीर पंचायत कांफ्रेंस के अध्यक्ष अनिल शर्मा का कहना हैं कि 14वें वित्त आयोग के तहत सरपंचों ने प्लान भी जमा करवाए हैं। थ्री टियर पंचायत राज सिस्टम को राज्य में अमलीजामा पहनाने के लिए कश्मीर में 1057 पंचायतों में चुनाव की प्रक्रिया भी पूरी होनी चाहिए। आतंकवादियों के बहिष्कार की धमकी के चलते 2018 के पंचायत चुनाव में प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई थी।
 

"रियासत की पंचायतों में बुनियादी सुविधाएं बढ़ाने के लिए केंद्र की ओर से जारी 700 करोड़ की राशि मिल गई है। सरपंचों से कहा गया हैं कि वह विकास कार्यों के लिए अपने प्लान जल्द से जल्द सौंपें।" - शीतल नंदा, प्रशासनिक सचिव ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग 



बीडीसी चुनाव कराने की चिट्ठी पर गौर करेंगे: सीईओ
मुख्य चुनाव अधिकारी शैलेंद्र कुमार ने कहा हैं कि थ्री टियर पंचायत राज प्रणाली विकसित करने के तहत सरकार की तरफ से दूसरे टियर (बीडीसी) का चुनाव करवाने के लिए सरकार की ओर से लिखी गई चिट्ठी उन्हें मिल गई है। वह इस पर गौर करेंगे। इससे पहले सरकार को अधिसूचना जारी करनी होगी। ग्रामीण विकास विभाग इसकी नोडल एजेंसी है। ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल के चुनाव केवल उन्हीं पंचायत क्षेत्रों में होंगे, जिनमें सरपंच-पंचों का चुनाव पूरा हो चुका है।  
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