शोपियां और पुलवामा मुठभेड़ में मारे गए आतंकवादी इसी वर्ष आतंकी संगठनों में शामिल हुए थे। इन गुमराह युवाओं को पाकिस्तानी आतंकवादियों, पाकिस्तान में बैठे उनके आकाओं और देश विरोधी भावना वाले लोगों द्वारा झूठे वादों के साथ भर्ती कराया गया था। यह बात विक्टर फोर्स के जीओसी ए सेनगुप्ता ने कही। उन्होंने कहा कि दो ऑपरेशनों में जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना की सटीक खुफिया जानकारी के चलते सात आतंकियों का खात्मा करने में सफलता मिली है। इसके साथ ही एक आतंकी ने समर्पण किया है।