पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश से रियासत की नदियों और नालों का जलस्तर काफी बढ़ गया है। जिले के सब डिवीजन गंदोह के दूरदराज क्षेत्र कोठा में भूस्खलन से एक मकान ढह गया, जिसमें दबने से एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में पति-पत्नी व तीन बच्चे शामिल हैं। प्रशासन ने पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। जबकि बारिश का सबसे ज्यादा प्रभाव कठुआ जिले में हुआ है वहां दो दिन में 213 मिली मीटर बारिश दर्ज की गई। वहां भी एक महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई। जबकि रणजीत सागर बांध का जलस्तर बढ़ने के बाद उसके इमरजेंसी गेट खोल दिए गए। मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश में हल्की बारिश की भविष्यवाणी की है। सोमवार को जम्मू कश्मीर हाईवे खुला रहा।
गंदोह के कोटा में नूर मोहम्मद का परिवार कच्चे मकान में रह रहा था। पिछले 36 घंटे से जारी बारिश के बीच रविवार की रात हुए भूस्खलन में मकान नष्ट हो गया। सोमवार सुबह इसकी जानकारी मिलने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस के सहयोग से मलबा हटाया। मलबे के नीचे पांच शव दबे मिले।
मरने वालों में बशीर अहमद (28) पुत्र नूर मोहम्मद निवासी भटोली, नगीना बेगम (24) पत्नी बशीर अहमद, जुल्फा बानो (11) पुत्री बशीर अहमद, मोहम्मद शरीफ (9) पुत्र शौकत अली और दो वर्षीय बच्ची तसलीमा बानो पुत्री फरीद अहमद शामिल हैं। इस दौरान एक गाय और भैंस को बचा लिया गया।
जिलाधीश डोडा सिमरनदीप के अनुसार, पिछले 36 घंटे से लगातार बारिश हो रही है। इसके लिए अलर्ट जारी कर दिया गया था।जैसे ही इस हादसे की सूचना मिली, टीमों ने मौके पर पहुंच कर राहत कार्य शुरू कर दिया गया। प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवार के सदस्यों को आपदा राहत कोष (डीआरएफ) से चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। मकान के लिए एक लाख और सामान के लिए पांच हजार रुपये दिए जाएंगे।
हादसे पर भद्रवाह के विधायक दलीप परिहार और डोडा विधायक शक्तिराज परिहार ने दुख जताया है। उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया है कि वह इस प्राकृतिक आपदा में पीड़ित परिवार के लिए और आर्थिक मदद करें।