कठुआ/हीरानगर। रविवार को लोंडी मोड़ पर आयोजित डोगरा स्वाभिमान रैली में हजारों की तादाद में लोगों का हुजूम उमड़ा। रैली के बाद आयोजित जनसभा में बसोहली के विधायक चौधरी लाल सिंह ने दो टूक कहा कि डोगरों के स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने की साजिश को कतई कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि जल्द रसाना मामले की सीबीआई जांच की मांग को पूरा नहीं किया गया, तो सरकार से भी हाथ धोना पड़ेगा। रविवार की रैली को मात्र ट्रेलर बताते हुए उन्होंने कहा कि अगली रैली जम्मू में होगी और इससे भी बड़े स्तर पर होगी। ऐसे में जम्मू संभाग की सभी सड़कें जाम कर दी जाएंगी। जम्मू के नेताओं को नसीहत देते हुए उन्होंने कहा कि नेतागिरी करनी है तो सरकार पर दबाव डालकर जम्मू के लोगों की ख्वाहिशों को पूरा करें, अन्यथा परिणाम भुगतने होंगे।
लाल सिंह ने कहा कि 70 साल में ऐसे नेताओें ने डोगरों की तरक्की नहीं होने दी, हमने परवाह नहीं की। नौकरी नहीं दी, तब भी कुछ नहीं कहा। हमारे हिस्से हजम कर गए, डुग्गर देश के कई महत्वपूर्ण स्थानों को तबाह किया गया, तब भी चुप रहे, लेकिन डोगरों को कोई बलात्कारी बोलेगा, तो यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रसाना में मारी गई बच्ची को बक्करवाल और मुस्लिम की बेटी बताया गया, लेकिन बच्ची तो जम्मू की थी। जम्मू के लोग बेटियों को कंजक के रूप में पूजते हैं, पर मौजूदा सरकार बच्ची को इंसाफ नहीं दे सकती। तो बेहतर है कि यह घर जाकर बैठ जाएं। हालत यह हो गई हैं कि आज सरकार को कोई भी नहीं मानता है।
महबूबा के संबोधन पर कसा तंज
महबूबा मुफ्ती के सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो पर लाल सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि अगर आप हमें सबसे अच्छा और सभी धर्मों का सम्मान करने वाले बताते हो, तो यह कैसे कह दिया कि यहां के लोग सांप्रदायिक हो गए। जिस मंदिर की घंटी उनके कानों में बजती थी, उसी मंदिर को बदनाम क्यों किया गया। जम्मू में कश्मीरी पंडित, कश्मीरी मुस्लिम आए और जगह-जगह बसे। जम्मू के लोगों ने जाति-बिरादरी और धर्म की परवाह किए बिना उन्हें स्वीकारा, तो फिर हम सांप्रदायिक कैसे हो गए।
...तो जम्मू की जनता इन्हें दे देगी वोट ऑफ नो कांफिडेंस
रैली में लाल सिंह ने कहा कि सीबीआई जांच की मांग को लेकर उन्होंने 290 से अधिक जलसे किए हैं। कुछ लोग कहते हैं जम्मू में कोई लीडर नहीं दिखता, तो अब दिखा इनको यहां का लीडर। उन्होंने कहा कि रैली में शामिल सभी लोग लीडर हैं। लाल सिंह ने कहा कि विधानसभा में वोट आफ नो कांफिडेंस होता है। जब जम्मू के लोग नो कांफिडेंस करेंगे, तो ऐसे लोगों का क्या बनेगा। 40 डिग्री तापमान में इतनी बड़ी संख्या में रैली में शामिल हुए लोगों ने दो बातें साबित की हैं। पहला, बच्ची के कत्ल का सबको दुख है और दूसरा, जम्मू के डोगरों के स्वाभिमान को कश्मीरी मीडिया ने खराब करने का काम किया, जिसके विरोध में यहां लोग पहुंचे हैं। लाल सिंह ने अपने अंदाज में कहा कि ट्वीट करने वाले कहते शेम फॉर डोगरा कहते हैं, पर डोगरे नहीं होते तो ये कहां होते। जम्मू के लोगों का शानदार इतिहास है, पर ऐसे लोग टूरिस्ट की हत्या कर इतिहास बना रहे हैं। अब तक सात बार सीबीआई जांच हुई, पर सातों बार कश्मीर में हुई। जम्मू वालों ने जब रसाना मामले में सीबीआई जांच मांगी, तो ऐसे लोगों को तकलीफ हो गई।