नए कोर्स शुरू होने से बच्चों को काफी लाभ होगा। विद्यार्थियों को 7वीं और 8वीं कक्षा से ही यह निर्धारित करने का अवसर मिल जाएगा कि वह भविष्य में किस विषय में पढ़ाई करेंगे और उन्हें किसमें रुचि है। इस सत्र से यह कोर्स सभी सरकारी स्कूलों में अनिवार्य हो जाएंगे।
कई सरकारी स्कूलों में 607 नई वोकेशनल लैब बनकर तैयार हो चुकी हैं, जिनका जल्द ही उद्घाटन किया जाएगा। इससे हमारे बच्चे प्रशिक्षित होंगे और उनको भविष्य में भी इसका लाभ मिलेगा। इस सत्र से इन वोकेशनल कोर्स को नई शिक्षा नीति के तहत स्कूलों में पढ़ना अनिवार्य कर दिया जाएगा। -डॉ. अरुण मनहास, निदेशक, समग्र शिक्षा विभाग