गर्मी की शुरुआत भर हुई है और पानी पर त्राहिमाम मच गया है। कहीं, पानी की सप्लाई रूटीन से कम हो गई है, तो कहीं पर पंपिंग स्टेशन ही ठप हो गए हैं। हैरान करने वाली बात है कि वर्तमान समय में करीब 60 पंपिंग स्टेशन पानी की आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं, जबकि एक पंपिंग स्टेशन से कई गांवों को पानी की आपूर्ति करवाई जाती है।
गरमी के सीजन में इससे पहले इतने बदतर हालात कभी नहीं हुए। विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुरानी मशीनरी, देनदारी और स्टैंडबाई व्यवस्था के बिना हालात चिंताजनक हो गए हैं। एक तरफ लोगों के लिए पानी की बूंद-बूंद हासिल करना मुश्किल हो गया।
दूसरी तरफ पीएचई महकमे के लिए लगातार बढ़ती जा रही चुनौती से निपटना मुसीबत बन गया है। कठुआ जिले में पीएचई विभाग के लगभग 400 स्टेशन हैं, जहां से लोगाें को पीने के पानी की आपूर्ति करवाई जाती है। कठुआ और हीरानगर के इलाकों में पीएचई के 270 स्टेशन हैं, इनमें से 55 स्टेशन मशीनरी खराब होने के बाद से ठप पड़े हैं।
पीएचई महकमा एक स्टेशन की सप्लाई बहाल करता है तो तीन से चार और खराब हो जाते हैं। इसी क्रम से खराब पड़े पंपिंग स्टेशनों की संख्या का आंकड़ा दिन ब दिन बढ़ता जा रहा है। वर्तमान में कठुआ जिले के 60 स्टेशन ठप हैं, जहां से पानी की आपूर्ति करना मुमकिन नहीं हो पा रहा है।
उस पर मोबाइल टैंकर की सेवा ठप रहने से कोढ़ में खाज जैसे हालात बन गए हैं। कंडी इलाकों में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। वहां पानी की किल्लत पहले ही काफी ज्यादा है। अब हालत और खराब हो गई है।