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फ्राड करने वाले की जमानत अर्जी खारिज की

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जम्मू। चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट सुरिंदर शर्मा ने क्राइम ब्रांच की ओर से फ्रॉड में पकड़े आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। आरोपी पुनीत रसूत्रा ने दोस्त से धोखाधड़ी कर बैंक से करोड़ों की लिमिट ली। दोस्त की शिकायत पर क्राइम ब्रांच ने पुनीत के खिलाफ फ्रॉड का केस दर्ज किया था।
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केस के मुताबिक रिहाड़ी निवासी पुनीत रसूत्रा की कैनाल रोड जम्मू के रहने वाले मुनीश भाटिया से दोस्ती थी। दोनों ने एमएस एसीई इंजीनियरिंग इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी खोली। आरोप है कि दोस्ती का लाभ उठाकर पुनीत ने मुनीश से कहा कि उसे दीमापुर में वाहनों के गैरेज में प्री फैबरीकेशन का बहुत बड़ा कांट्रेक्ट मिला है, जिसकी कीमत करीब 16 करोड़ रुपये है। इस पर मुनीश और उसके भाई ने अपनी संपत्ति को ओडी लिमिट के लिए बैंक के पास सिक्योरिटी के रूप में मार्टगेज कराया। इसके आधार पर लिमिट ले ली। इस मामले में मुनीश ने पुनीत के खिलाफ क्राइम ब्रांच में धोखाधड़ी करने का केस करा दिया। उसके खिलाफ 420, 467, 468 और 471 आरपीसी के तहत केस दर्ज किया गया है। सीजेएम ने दोनों तरफ की दलीलें सुनने के बाद जमानत खारिज कर दी। कहा कि अभी इस केस में जांच चल रही है। जमानत नहीं दी जा सकती। जेएनएफ
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