जम्मू। काम के बोझ से दबे जम्मू कश्मीर पुलिस के जवानों को अगले कुछ माह तक और राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। बीते चार माह से पुलिस को लगातार ड्यूटी देनी पड़ रही है। एग्जीक्यूटिव और आर्म्ड पुलिस दोनों के पसीने छूट रहे हैं। चार माह पहले पुलिस का पंचायत चुनाव कराने में पसीना निकला। अब लोकसभा चुनाव हो रहे हैं। लोकसभा चुनाव के खत्म होते ही विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। इसके बाद अमरनाथ यात्रा होगी। ऐसे में पुलिस को अगस्त के बाद कुछ राहत मिलने के आसार हैं।
जानकारी के अनुसार जम्मू कश्मीर की 200 के करीब कंपनियां (20 हजार पुलिस कर्मी) चुनाव ड्यूटी में लगी हुई हैं। ऊपर से कश्मीर संभाग के दक्षिण कश्मीर और श्रीनगर में कानून व्यवस्था को सुधारने में ही पुलिस का दम निकल रहा है। कश्मीर में तैनात एक सीनियर आईपीएस अफसर ने बताया कि पिछले कई माह से पहले अपने घर तक नहीं जा पाए। ऐसे ही कई अन्य अफसर और कर्मी भी हैं। पंचायत चुनाव के बाद से ही पुलिस की ड्यूटी का वक्त बढ़ा है। यह सिलसिला दिसंबर से शुरू हुआ था, जो अब तक चल रहा है। अगस्त माह तक यह चलता ही रहेगा।
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थानों में तैनात नफरी के भी छूट रहे पसीने
स्पेशल ड्यूटी ही नहीं, बल्कि थानों में तैनात नफरी के पसीने भी छूट रहे हैं। इन लोगों को थानों की ड्यूटी देने के साथ नेताओं की रैलियों में भी ड्यूटी देनी पड़ रही है। जबकि थानों में पहले से ही नफरी कम है। कई बार अमर उजाला की तरफ से इस मामले को उठाया गया है, लेकिन नफरी की कमी पूरी नहीं की जा सकी है।